नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल अलंकरण समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की गोली का जवाब गोले से दिया गया। उन्होंने कहा कि कई दशकों से देश पाक समर्थित आतंक का सामना कर रहा है। पाक ने कई घटनाएं की, लेकिन इसका उचित जवाब नहीं दिया गया। 2014 में मोदी जी पीएम बने, इसके बाद सबसे पहला बड़ा हमला उरी में हमारे जवानों पर किया और हमने घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक किया। पुलवामा में हमला हुआ तो भारत की सेना ने एयर स्ट्राइक करके कठोर जवाब दिया।
शाह ने कहा कि पहलगाम में निर्ममता से आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया। पीएम मोदी ने कहा था कि इसका उचित जवाब दिया जाएगा। उसका जवाब आज पूरी दुनिया देख रही है। आज हमारी सेना की मारक क्षमता की प्रशंसा पूरी दुनिया कर रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि आज पाकिस्तान पूरी तरह एक्सपोज हो गया है। उनके आतंकी जो मारे गए, नमाज ए जनाजा हुआ तो पाक सेना के अफसर उनके कफन को कंधा दे रहे थे। अब तक पाक जिस आतंक को पोसने को डिनाई कर रहा था अब उसका नकाब उतर गया है। इस सटीक ऑपरेशन की प्रशंसा पूरी दुनिया कर रही है। साथ ही सेना के संयम की भी प्रशंसा हो रही है। सेना ने 100 किमी अंदर घुसकर पाक को उसका जमीर दिखाने का काम किया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Pakistan Air Strike in Afghanistan: पाकिस्तान का बड़ा सैन्य ऑपरेशन, 29 आतंकियों के मारे जाने का दावा; तालिबान बोला- महिलाएं और बच्चे बने निशाना
- Karachi Terror Attack: पाकिस्तान ने भारत पर लगाया बड़ा आरोप, भारत का करारा जवाब- ‘पहले अपने आतंकवादी नेटवर्क पर कार्रवाई करें’
- Jammu Kashmir Breaking News: LoC के पास पकड़ा गया PoK का पाकिस्तानी नागरिक, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; Vaishno Devi Yatra की सुरक्षा भी कड़ी
- महाराष्ट्र में अमित शाह ने कसा उद्धव ठाकरे पर तंज, कहा-शिवसेना अब एक, कोई गुट नहीं बचा
- US-Iran Peace Deal के बाद पाकिस्तान ने लिया बड़ा क्रेडिट! ‘Islamabad Agreement’ पर शहबाज शरीफ का दावा, क्या वाकई पाकिस्तान ने कराई ऐतिहासिक सुलह?
- उद्धव की शिवसेना में टूट की खबरों पर बोले कांग्रेस नेता जयराम रमेश- परिसीमन बिल पास नहीं करवा पाने का बदला ले रहे गृह मंत्री
हमारे जवान एक इंच भी पीछे नहीं हटे
अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ के जवान भी मोर्चे पर थे। हमारे जवान एक इंच भी पीछे नहीं हटे और उनकी गोली का जवाब गोले से दिया। बीएसएफ ने 5 साल के अंदर ढेर सारे तकनीकी समाधान ढूंढने का प्रयास किया है और इसे जमीन पर उतारने का प्रयास किया है। जहां पर भौगोलिक विषमता एक बड़ा चैलेंज है, तो वहीं बीएसएफ तकनीकी समाधान से देश के बार्डर की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। सीमा प्रहरी हैं तो मैं चैन की नींद सोता हूं, क्योंकि अगर कुछ होगा भी तो दुश्मन देश का होगा, हमारा देश सुरक्षित रहेगा।



