लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में नए सीबीआई निदेशक के चयन की प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई। इस मुद्दे पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी असहमति दर्ज कराई।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए पत्र में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने कई बार केंद्रीय जांच ब्यूरो का दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और सरकार के आलोचकों को निशाना बनाने के लिए किया गया। राहुल गांधी के अनुसार, इसी वजह से चयन समिति में विपक्ष के नेता को शामिल किया जाता है, ताकि संस्था पर किसी एक पक्ष का नियंत्रण न हो सके।
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उन्होंने कहा कि कई बार लिखित अनुरोध करने के बावजूद उन्हें योग्य उम्मीदवारों से जुड़ी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। राहुल गांधी के मुताबिक, बैठक के दौरान पहली बार उन्हें 69 उम्मीदवारों की रिपोर्ट देखने के लिए कहा गया, जबकि 360 डिग्री मूल्यांकन रिपोर्ट देने से साफ इनकार कर दिया गया।
अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि उम्मीदवारों के कामकाज और पृष्ठभूमि की गहराई से समीक्षा करना बेहद जरूरी होता है, लेकिन सरकार ने चयन समिति को जरूरी जानकारी ही उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने इसे पूरी प्रक्रिया को केवल औपचारिकता बनाने की कोशिश बताया।
राहुल गांधी ने कहा, “विपक्ष का नेता कोई मुहर लगाने वाली संस्था नहीं है। मैं अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी छोड़कर इस पक्षपाती प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकता।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस अहम बैठक में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत भी मौजूद थे। बैठक में नए सीबीआई निदेशक के चयन को लेकर चर्चा की गई। वर्तमान सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को समाप्त होने जा रहा है।


