पाकिस्तान के लिए जासूसी: हरियाणा और पंजाब से तीन और आरोपी गिरफ्तार, एयरफोर्स और सेना से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं साझा करने का आरोप
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में सोमवार को तीन और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक आरोपी हरियाणा के नूंह जिले से जबकि दो युवक पंजाब के गुरदासपुर से पकड़े गए हैं।
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हरियाणा के नूंह जिले के कांगरका गांव से पकड़े गए आरोपी तारीफ पर आरोप है कि उसने पाकिस्तान उच्चायोग के एक कर्मचारी को सिरसा एयरफोर्स स्टेशन की फोटो और वीडियो भेजी थीं। तावडू सदर थाने में तारीफ के अलावा पाकिस्तान उच्चायोग के दो कर्मचारियों – आसिफ बलोच और जाफर – के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। तारीफ को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक केंद्रीय एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद विशेष पुलिस बल और जांच एजेंसी ने तारीफ को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में उसके मोबाइल में पाकिस्तानी नंबरों से हुई चैटिंग और सैन्य गतिविधियों की तस्वीरें व वीडियो मिले हैं, जो पाकिस्तान भेजी गई थीं।

तारीफ ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात आसिफ बलोच और बाद में जाफर से संपर्क में था। उसे इन अधिकारियों से पैसे मिलते थे, बदले में वह संवेदनशील सूचनाएं भेजता था। साथ ही उसने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान से लौटने के बाद उसे कुछ लोगों को वीजा के लिए भेजने और पैसों को आपस में बांटने का काम सौंपा गया था।
वहीं, पंजाब के गुरदासपुर से पकड़े गए सुखप्रीत सिंह और करनबीर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में अपने नेटवर्क के जरिए भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को दी थी। इसके बदले में उन्हें एक लाख रुपये मिले थे।
पुलिस के मुताबिक इन दोनों आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और 30 बोर के आठ जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी नशा तस्करी के जरिए आईएसआई के संपर्क में आए थे।
पिछले एक सप्ताह में हरियाणा में अब तक पांच जासूसी के आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो एक गंभीर सुरक्षा चिंता को दर्शाता है। केंद्रीय एजेंसियां अब इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए गहन जांच कर रही हैं।



