नई दिल्ली। पाकिस्तान को आईएमएफ ने एक बिलियन डॉलर का लोन दे दिया है। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि हमारी जमीन पर, हमारे घरों पर, हमारे जवानों पर हमले हो रहे हैं, और इनको आईएमएफ से 1 बिलियन डॉलर की मदद दी जा रही है। यह क्या अंतरराष्ट्रीय न्याय है?
ओवैसी ने पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए कहा कि इनको न सरकार चलानी आती है, न अर्थव्यवस्था। ये केवल भारत में अमन बिगाड़ने और हिंदू–मुस्लिम तनाव फैलाने की योजना बना रहे हैं। ओवैसी ने ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए लश्कर और जैश के टॉप आतंकियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि जो आतंकी भारत में हमलों के लिए जिम्मेदार थे, उनके जनाजे में पाक सेना के लेफ्टिनेंट जनरल और पंजाब पुलिस के आईजी शामिल होते हैं। यह देश किस नीति पर चल रहा है? उन्होंने बहावलपुर और मुरीदके में आतंकी समारोहों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिसे अमेरिका ने आतंकी घोषित किया है, वह वहां नमाज–ए–जनाजा पढ़ा रहा है। यह आतंक को आधिकारिक संरक्षण देने जैसा है।
👉 यह भी पढ़ें:
- UN में भारत का पाकिस्तान को सख्त संदेश: ‘आतंकवाद बंद करो, वरना भुगतने होंगे परिणाम’
- मार्को रुबियो का बड़ा बयान — “भारत की चिंता पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन, ईरान मध्यस्थता नहीं”
- संयुक्त राष्ट्र में भारत का करारा प्रहार, पाकिस्तान के हिंसक इतिहास की दुनिया के सामने खोली परतें
- भोजशाला फैसले पर ओवैसी का हमला, बोले– संविधान की भावना के खिलाफ है निर्णय
बच्चों को मार रहा है पाकिस्तान
ओवैसी ने पूंछ, राजौरी और श्रीनगर में हुए हालिया हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान अब ड्रोन से हमला कर रहा है, जिसमें आम नागरिक और बच्चे मारे जा रहे हैं। पूंछ में चार मासूम मुसलमान बच्चे भी मारे गए। उन्होंने कहा कि क्या पाकिस्तान ये बताना चाहता है कि सिर्फ वही जन्नत में जाएंगे? इस्लाम को आतंकवाद से जोड़ने का अधिकार तुम्हें किसने दिया है?
चीन में मुसलमानों पर हो रहा अत्याचार
ओवैसी ने पाकिस्तान की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि तुम्हारा जमात–ए–इस्लामी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से समझौता करता है और फिर इस्लाम की बात करता है, तब तुम्हारी मंशा पर संदेह होता है। जिनजियांग में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों पर तुम्हारी जुबान नहीं खुलती। आईएमएफ पर नाराजगी जाहिर करते हुए ओवैसी ने कहा कि ये अब इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड नहीं, इंटरनेशनल मिलिटेंट फंड बन गया है, जो आतंकियों की सरकार को मदद दे रहा है जबकि हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं।


