नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच आज रात से कोई गोलीबारी नहीं होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने का दावा किया। विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिसरी ने भी इसकी पुष्टि की है।
भारत सरकार ने साफ किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच गोलाबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर हुआ है। विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिस्री कहा कि शनिवार 10 मई की दोपहर पाकिस्तान डीजीएमओ ने फोन कॉल कर पहल की, जिसके बाद चर्चा हुई और सहमति बनी। उन्होंने कहा कि किसी अन्य मुद्दे पर किसी अन्य स्थान पर बातचीत करने का कोई निर्णय नहीं हुआ है।
👉 यह भी पढ़ें:
- PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, UPI से लेकर जन औषधि तक 19 ऐतिहासिक समझौतों पर लगी मुहर
- Pakistan Air Strike in Afghanistan: पाकिस्तान का बड़ा सैन्य ऑपरेशन, 29 आतंकियों के मारे जाने का दावा; तालिबान बोला- महिलाएं और बच्चे बने निशाना
- Karachi Terror Attack: पाकिस्तान ने भारत पर लगाया बड़ा आरोप, भारत का करारा जवाब- ‘पहले अपने आतंकवादी नेटवर्क पर कार्रवाई करें’
- Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने सोने से लेकर पेट्रोल तक पर की चर्चा, नांदेड़ की एक शादी का किस्सा भी सुनाया
- UNICEF Report 2026: Climate Change का सबसे बड़ा शिकार बन रहे भारत के बच्चे! 97% बच्चे कई जलवायु खतरों की चपेट में
- Jammu Kashmir Breaking News: LoC के पास पकड़ा गया PoK का पाकिस्तानी नागरिक, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; Vaishno Devi Yatra की सुरक्षा भी कड़ी
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका की मध्यस्थता के चलते दोनों देशों के बीच सीजफायर समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों को बधाई। इस मामले पर आपके ध्यान के लिए धन्यवाद।
पाकिस्तान ने भी की पुष्टि
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की ओर से एक्स पर पोस्ट करके बताया गया है कि पाकिस्तान और भारत ने तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम पर सहमति जताई है। हालांकि उन्होंने भारत पर किए गए नाकाम हमलों की कोशिशों पर माफी नहीं मांगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए बिना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास किया है।



