इस बार इंदौर की कौन सी विधानसभा के खाते में जाएगा भाजयुमो अध्यक्ष पद, राऊ को दो बार मिल चुका है मौका, क्या बाकी कार्यकर्ताओं का खत्म होगा इंतजार?

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इंदौर। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के इंदौर अध्यक्ष पद के लिए खींचतान चल रही है। दावेदार पैसे से लेकर पहुंच तक का जोर आजमा रहे हैं। ऐसा शायद पहली बार ही हुआ है कि पद के लिए महंगे गिफ्ट से लकर कई तरह के खर्चे उठाने की बात सामने आई है। ऐसे में आम कार्यकर्ता के मन में यह भी सवाल है कि इस बार क्या पार्टी उन्हें तवज्जो देगी या फिर बड़े नेताओं की मनमानी ही चलेगी।

भाजयुमो अध्यक्ष चुनाव में पैसा और पहुंच फैक्टर के अलावा इस बात की भी चर्चा हो रही है कि आखिर किस विधानसभा क्षेत्र का नंबर आने वाला है। पिछली दो बार से राऊ विधानसभा का ही नंबर आ रहा है। पहले मनस्वी पाटीदार और फिर सौगात मिश्रा। इस हिसाब से इस बार राऊ का नंबर आना मुश्किल है, लेकिन सवाल यह भी है कि इस घमासान में आखिर कौन विधायक अपने समर्थक को यह पद दिलाने में सफल हो पाता है।

ब्राह्मण दावेदार को मिल सकती है निराशा

पिछली बार ब्राह्मण समाज से सौगात मिश्रा को अध्यक्ष बनाया गया था। अभी वर्तमान में भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ब्राह्मण हैं। दावेदारों में ब्राह्मणों की संख्या भी कम नहीं है, लेकिन पार्टी में चर्चा है कि संगठन दो-दो पद एक ही जाति को देने पर राजी नहीं होगा। ऐसे में इस बार ब्राह्मण दावेदारों को निराश होना पड़ सकता है।

प्रदेश में एक नंबर से पांच पदाधिकारी

हाल ही में भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने अपनी प्रदेश कार्यकारिणी घोषित की थी। इसमें सबसे ज्यादा पदाधिकारी विधानसभा एक से बने। तीन नंबर विधानसभा से एक पदाधिकारी और चार नम्बर से एक पदाधिकारी शामिल है। ऐसे में इंदौर अध्यक्ष पद शायद ही विधानसभा एक के खाते में जाए।

विधानसभावार इन नामों की चर्चा

वर्तमान में जिन नामों की चर्चा चल रही है, उनमें विधानसभा एक में अमित पालीवाल और सागर तिवारी के नाम शामिल हैं। दो नंबर विधानसभा से रोहित चौधरी, निक्की राय और अक्षत चौधरी का नाम है। तीन नंबर विधानसभा से आवेश राठौर का नाम है, जबकि चार नंबर से मयूरेश पिंगले, नयन दुबे और शुभेंद्र गौड़ के नामों की चर्चा है।

कई नामों पर चल रहा विवाद

वर्तमान में जिन नामों की चर्चा है, उनमें से कई को लेकर विवाद है। अमित पालीवाल पर धोखाधड़ी का केस दर्ज है। अक्षत चौधरी पहले ही विवादों में हैं, जिसकी शिकायत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तक पहुंच चुकी है। चौधरी पार्टी के नए धन्ना सेठ माने जाते हैं और आए दिन आयोजनों पर खूब पैसे लुटा रहे हैं। इन दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के खास माने जाने वाले जीतू जिराती के खेमे में जमा हो गए चौधरी ने प्रदेश कार्यकारिणी के लिए भी कोशिश की थी, लेकिन शिकायतों के बाद इससे बाहर रहे।

नाम भेजने में होगा जमकर खेला

भाजपा के सत्र बताते हैं कि जो ट्रेंड अभी चल रहा है, उसके हिसाब से इस बार स्थानीय स्तर पर नाम भेजने में भी जमकर खेला होगा। सारे दावेदार होर्डिंग से लेकर आयोजनों तक में जमकर पैसा लगा रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ बड़े पदाधिकारियों के यात्रा और होटल के खर्चे उठाने की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर नाम भेजने में कौन सा फैक्टर काम करेगा, कहा नहीं जा सकता।

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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