इंदौर। मध्यप्रदेश और खासकर इंदौर के भाजपा नेता सबसे अलग हैं। अपने मन की करते हैं और कभी-कभी तो ऐसी करते हैं जो किसी के समझ नहीं आती। बड़े नेता चाहे लाख चिल्लाते रहें, सीख देते रहें लेकिन हमारे नेता अपनी ही राह पर चलते हैं। अब देख लीजिए ना, पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर सीएम डॉ.मोहन यादव तक पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील कर रहे हैं लेकिन हमारे नेता अपनी ही धुन में हैं।
जन्मदिन का होर्डिंग लगाकर घुमा दी गाड़ी
एक भाजपा के नेता हैं। विधायक महेंद्र हार्डिया के खासमखास। कई बार पार्षद रहे हैं। वर्तमान में महापौर परिषद के सदस्य हैं। अब बेचारे का जन्मदिन आया। कई जगह होर्डिंग-वोर्डिंग लगे, लेकिन इस बार पहाड़िया या उनके समर्थकों ने सबसे अलग कुछ करने की कोशिश की। फिर क्या था, लोडिंग वाहन के दोनों तरफ जन्मदिन की बधाई वाला होर्डिंग लगाकर उसे पूरे शहर में घुमा दिया गया।
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जन्मदिन तो साल में एक ही बार आता है
देश में पेट्रोल-डीजल का संकट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोगों और नेताओं से पेट्रोल-डीजल की बचत की अपील कर रहे हैं। पीएम के कहने पर भाजपा के सारे मंत्री से लेकर सीएम तक ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी, लेकिन इससे हमारे इंदौरी नेताओं को क्या फर्क पड़ने वाला। आखिर जन्मदिन तो साल में एक ही बार आता है ना, पेट्रोल-डीजल की बचत तो 364 दिन हो ही जाएगी।
कई नेता गंवा चुके हैं पद
विडंबना यह है कि मध्यप्रदेश में गाड़ियों के काफिले के कारण कई भाजपा नेताओं को अपने पद गंवाने पड़े हैं। भिंड के किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव तो इतने गाड़ियों के साथ पदभार ग्रहण करने पहुंच गए कि पद से हाथ धोना पड़ा। कुछ ऐसा ही मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह के साथ भी हुआ था। आज भी यह सिलसिला जारी है।
बेचारे करें क्या, मन जो नहीं मानता
माना कि पेट्रोल-डीजल का संकट है। बड़े नेता अपील भी कर रहे हैं, लेकिन बिना गाड़ियों के काफिले के सड़क पर निकले नेताओं को भला कौन पूछेगा। यह भी सच है कि गाड़ियों और भीड़ से ही तो भौकाल बनता है। अब ऐसे में अपने नेताओं को दोष देना ठीक नहीं होगा। बेचारे गाड़ी पर नहीं चलेंगे और साइकिल या दोपहिया पर निकल लेंगे तो उनमें और आम आदमी में क्या फर्क रह जाएगा। ऐसे में नंदू भिया को भी गलत ठहराना ठीक नहीं होगा। आखिर वे भी बेचारे नेता ही तो हैं।


