निपानिया की पिनेकल ग्रेंड कॉलोनी का नक्शा टीएनसीपी ने किया निरस्त, कॉलोनाइजरों ने बेच दी थी नक्शे में शामिल जमीन

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इंदौर। ग्राम निपानिया में शिशुकुंज स्कूल के सामने बन रही पिनेकाल ग्रेंड कॉलोनी का नक्शा नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने रद्द कर दिया है। चार प्लॉटों पर नक्शा मंजूर कराने के बाद दो प्लॉट बेच देने सहित कई अनियमितताएं मिलने के बाद संयुक्त संचालक ने यह आदेश जारी किया है। आदेश में कॉलोनाइजर द्वारा शर्तों के उल्लंघन की बात कही गई है।

टीएनसीपी के संयुक्त संचालक शुभाशीष बनर्जी द्वारा 12 फरवरी 26 को जारी आदेश में कहा गया है कि आवेदक नीना पति संजय अग्रवाल, रीतु पति मनोज अग्रवाल द्वारा ग्राम निपानिया के सर्वे क्रमांक 260/1, 261 / 1.261 / 2.264/1 कुल रकबा 8.311 हेक्टेयर भूमि पर 25 नवंबर 2014 को अनुज्ञा प्राप्त किया गया था। इसके बाद 15 मई 2015 एवं 27 जुलाई 2015 को नक्शे में शामिल भूमि बेच दी गई। यह नक्शे की शर्तों का उल्लंघन है। इसके कारण कॉलोनी के लिए दी गई अनुमति स्वत: प्रभावशून्य हो जाती है। साथ ही दी गई मंजूरी को रिवोक किया जा रहा है।

नगर निगम ने भी निरस्त की थी अनुमति

उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने भी इसकी अनुमति निरस्त कर दी थी। हाईकोर्ट में दायर याचिका में यह कहा गया था कि बिल्डरों ने पहले ही यह जमीन बेच दी थी, इसके बाद गलत तरीके से विकास अनुमति ली। नगर निगम आदेश में कहा गया है कि ग्राम निपानिया, तहसील व जिला इंदौर की भूमि खसरा क्रमांक 260/1, 261/1, 261/2, 264/1 कुल रकबा 8.991 हेक्टेयर में से इन्दौर विकास प्राधिकरण की योजना में सम्मिलित 0.680 हेक्टेयर भूमि को छोड़कर शेष 8.311 हेक्टेयर भूमि पर आवासीय भूखंड विकसित करने की अनुमति निरस्त की जाती है। यह अनुमति नीना पति संजय अग्रवाल, रीतू पति मनोज अग्रवाल, तर्फे आम मुखत्यार संजय अग्रवाल के नाम से 18 दिसंबर 2015 को जारी की गई थी।

कॉलोनाइजरों ने विभागों से बोला झूठ

नगर निगम और हाईकोर्ट में जो तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं उससे साफ जाहिर है कि कॉलोनाइजरों ने अनुमतियां लेने के लिए विभागों से झूठ बोला। सभी रजिस्ट्रीयां श्री जे.एस.एम. देवकॉन्स द्वारा की गई हैं, जिसके मालिक गुरुनाम सिंह धालीवाल एवं हरप्रीत सिंह टूटेजा हैं। हर रजिस्ट्री में आशीष दास का कालोनाइजर लाइसेंस एवं संजय अग्रवाल की सभी परमिशन का उपयोग किया गया है। हर रजिस्ट्री में संजय अग्रवाल एवं गुरुनाम सिंह धालीवाल द्वारा एक-दूसरे को सहमतिदाता के रूप में साइन की गई है। इससे साफ जाहिर है कि विभागों से झूठ बोला गया है। संजय अग्रवाल द्वारा नगर पालिक निगम इंदौर में झूठे शपथपत्र लगाकर विकास अनुमति प्राप्त की गई कि जिस जमीन वे मालिक ही नहीं थे उसे अपना बताया।

निगम ने एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा था

नगर निगम ने 9 जून 2023 को थाना लसूड़िया को संजय अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र भी लिखा था। इसमें गलत तरीके से अनुमति प्राप्त करने तथा गिरवी प्लॉट बेचने की बात लिखी गई थी। इतना फर्जीवाड़ा करने के बाद भी कॉलोनाइजरों द्वारा प्लॉट बेचने का सिलसिला जारी रहा।

इस तरह हुआ फर्जीवाड़ा

-17 सितंबर 2014 को मेसर्स जे.एस.एम. देवकॉन्स द्वारा खसरा नंबर 260/1, 261/1, 261/2, 264/1 कुल एरिया 8.311 हेक्टेयर आशिष दास एवं गिरीश वाधवानी की कंपनी के नाम से आईडीए से एनओसी ली गई।

नजूल से 26 सितंबर 2014 को नीना अग्रवाल के नाम पर खसरा क्र. 260/1, 261/1, 261/2, 264/1 कुल एरिया 8.311 हेक्टेयर की एनओसी ली गयी।

– 25 नवंबर 2014 को नीना अग्रवाल और रीतु अग्रवाल विकासकर्ता आशीष दास के नाम से खसरा नंबर 260/1, 261/1, 261/2, 264/1 कुल एरिया 8.311 पर टीएनसीपी से परमिशन ली गई।

खसरा क्र. 261/1 एरिया 1.618 हेक्टेयर की रजिस्ट्री श्री जे.एस.एम. देवकॉन्स पूर्व नाम सीमन कन्स्ट्रक्शन्स जिसमें डायरेक्टर गुरनाम सिंह धालीवाल एवं हरप्रित सिंह टूटेजा को सेल डीड नंबर A1/973 दिनांक 8 जून 2015 को की गई।

खसरा क्र. 261/2 एरिया 2.148 हेक्टेयर की रजिस्ट्री श्री जे.एस.एम. देवकॉन्स इंडिया पूर्व नाम सीमन इन्फ्रास्ट्रक्चर जिसमें डायरेक्टर गुरनाम सिंह धालीवाल एवं हरप्रित सिंह टूटेजा को सेल डीड नंबर A1/41155 से 7 अक्टूबर 2015 को की गई।

नामांतरण ऑर्डर नंबर 4 दिनांक 16 अक्टूबर 2015 को श्री जे.एस.एम. देवकॉन्स के नाम से खसरा क्र. 261/1 का किया गया।

नामांतरण ऑर्डर नंबर 18 दिनांक 29 अक्टूबर 2015 को श्री जे.एस.एम. देवकॉन्स इंडिया के नाम से खसरा क्र. 261/2 का किया गया।

-डायवर्सन ऑर्डर नं. 98 दिनांक 31 अक्टूबर 2015 को नीना अग्रवाल, रीतु अग्रवाल के नाम से खसरा क्र. 260/1, 261/1, 261/2, 264/1 कुल एरिया 8.311 हेक्टेयर के लिये कराया गया।

मॉडगेज सेल डीड नंबर MP 179142015A1200555 दिनांक 9 दिसंबर 2015 को नीना अग्रवाल रीतु अग्रवाल के द्वारा खसरा क्र. 260/1, 261/1, 261/2, 264/1 कुल एरिया 8.311 हेक्टेयर को नगर पालिक निगम को की गयी। जबकि वह इसमें से खसरा क्र. 261/1, 261/2 को पूर्व में बेच चुके थे।

नगर निगम परमिशन नंबर 891 दिनांक 18 दिसंबर 2015 को नीना अग्रवाल रीतु अग्रवाल को खसरा क्र. 260/1, 261/1, 261/2, 264/1 कुल एरिया 8.311 हेक्टेयर के नाम से दी गयी।

नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा विकास अनुमति गलत तरीके से प्राप्त करने के लिये एवं गिरवी प्लॉट बेचने के आरोप में 9 जून 2023 को थाना लसूड़िया को संजय अग्रवाल के खिलाफ एफआई करने के लिए लिखा गया।

उर्मिला तिवारी द्वारा पूरा पैसा जे.एस.एम. देवकॉन्स जिसके मालिक आशीष दास एवं गिरीश वाधवानी हैं और उनकी रजिस्ट्री श्री जे.एस.एम. देवकॉन्स मालिक गुरूनाम सिंह धालीवाल एवं हरप्रीत सिंह टूटेजा जिसमें सहमतिदाता संजय अग्रवाल हैं के द्वारा की गई जो कि प्रमाण है कि ये सभी आपस में पार्टनर हैं।

संजय अग्रवाल द्वारा नगर पालिक निगम इंदौर में झूठे शपथपत्र लगाकर निकास अनुमति प्राप्त की गई कि जिस जमीन वे मालिक ही नहीं थे उसे अपना बताया।

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