इंदौर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसारन घाटी में मंगलवार दोपहर हुए आतंकी हमले में इंदौर के वीणा नगर निवासी सुशील नथानियाल की भी मौत हो गई है। सुशील अपनी पत्नी जेनिफर, बेटे आस्टन और बेटी आकांक्षा के साथ कश्मीर घूमने गए थे। आज सुबह कलेक्टर आशीष सिंह ने उनके घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
बताया जाता है कि सुशील आलीराजपुर स्थित एलआईसी की सैटेलाइट शाखा में कार्यरत थे। सुशील नथानियल के भाई विकास ने बताया कि आतंकियों ने पहले सुशील को घुटनों के बल बैठाया और कलमा पढ़ने को मजबूर किया। जब उन्होंने खुद को ईसाई बताया, तो आतंकियों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। इस हमले में सुशील की बेटी आकांक्षा को पैर में गोली लगी है। हमले के दौरान सुशील ने अपनी पत्नी जेनिफर को छिपा दिया और खुद सामने आकर खड़े हो गए, जिससे उनकी पत्नी की जान बच सकी। जेनिफर खातीपुरा के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं, वहीं घायल आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में काम करती हैं।
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घटना के दौरान सुशील का बेटा आस्टन और पत्नी जेनिफर किसी तरह सुरक्षित बच निकले। परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश के जोबट का रहने वाला है। हमले के बाद सेना और पुलिस की मदद से जेनिफर और आकांक्षा को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि आस्टन पूरी तरह सुरक्षित हैं।
इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि आज मैं उनके निवास पर गया था। हमने परिवार को आश्वासन दिया है कि हम जम्मू-कश्मीर के स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं ताकि मृतक के पार्थिव शरीर को बिना किसी परेशानी के यहां लाया जा सके।


