इंदौर। भाजपा के विधानसभा 4 के प्रभारी विरेंद्र शेड़गे अब खुलेआम गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। एक मामूली विवाद में शेड़गे ने संघ के पदाधिकारी के साथ मारपीट कर ली। मामला थाने भी पहुंचा। इधर, संघ के दबाव में नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने शेड़गे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही उन्हें प्रभारी पद से भी हटा दिया है।
दबाब के बाद जारी किया नोटिस
बताया जाता है कि विवाद इतना बढ़ गया कि संघ के कई पदाधिकारियों ने नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से जवाब तलब कर लिया। संघ ने स्पष्ट कहा कि शेंडगे को छह साल के लिए पार्टी से निकाला जाए। इसके बाद सुमित मिश्रा ने नोटिस जारी किया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- मध्यप्रदेश में कहीं फेल न हो जाए राहुल गांधी का ‘नटराजन दांव’, अंतिम समय भाजपा कर सकती ‘खेला’
- Bihar Vidhan Parishad के लिए भाजपा ने भोजपुरी एक्टर पवन सिंह को बनाया उम्मीदवार, जदयू ने निशांत कुमार को उतारा
- K. Annamalai : तमिलनाडु में भाजपा की राजनीति से अलग हुए अन्नामलाई, नितिन नवीन ने मंजूर किया इस्तीफा
- Rajya Sabha election के लिए भाजपा ने घोषित किए उम्मीदवार, सूची में कई चौंकाने वाले नाम, दो मंत्रियों को भी नहीं मिला टिकट
क्या लिखा है नोटिस में
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल के निर्देशानुसार आपको कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाता है। विगत दिनों से आपका आचरण पार्टी की विचारधारा व पक्ष के अनुरूप नहीं आ रहा है। लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए आपको तत्काल भाजपा विधानसभा क्षेत्र कं 4 के प्रभारी पद से मुक्त किया जाता है। आप तीन दिन में अपनी स्थिति स्पष्ट करें अन्यथा आपको पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिये निष्कासित कर दिया जायेगा।
कुत्ते के गंदगी करने पर हुआ था विवाद
भाजपा के सूत्र बताते हैं कि उषानगर में शेड़गे की बिल्डिंग के सामने उसी मोहल्ले में रहने वाले संघ के एक पदाधिकारी के कुत्ते ने गंदगी कर दी। यह मामला शनिवार का बताया जाता है। इसके बाद शेड़गे ने संघ के पदाधिकारी से मारपीट कर दी। शनिवार को दोनों पक्ष अन्नपूर्णा थाने में शिकायत लेकर भी पहुंचे थे। कुछ नेताओं ने दोनों के बीच समझौते कराने की कोशिश भी की, लेकिन मामला बिगड़ चुका था।
संघ के पदाधिकारियों ने बनाया दबाव
इसके बाद संघ के कई पदाधिकारी शेड़गे के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नगर अध्यक्ष पर दबाव बनाने लगे। उनका कहना था कि आए दिन शेंडगे ऐसा ही करता रहता है, इसे तत्काल पार्टी से निकाला जाना चाहिए। कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए कि जिस संघ के पदाधिकारी शेड़गे की बिल्डिंग के पास ही रहते हैं, क्या उसे उनके बारे में जानकारी नहीं थी। यह जानते हुए कि सामने वाला संघ का पदाधिकारी है, शेड़गे ने मारपीट की।
ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से भी हुआ था विवाद
शेड़गे पहले भी विवादों में आते रहे हैं। कुछ समय पहले इंदौर के महूनाका चौराहे पर वे ट्रैफिक पुलिस से भिड़ गए। इसके बाद उन्होंने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया। घटना के बाद बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए थे और जमकर हंगामा किया। यातायात पुलिस ने विरोध बढ़ते देख एक्शन लेते हुए दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों कॉन्स्टेबल शेखर और सूबेदार लक्ष्मी को निलंबित कर दिया है। ट्रैफिक टीआई राधा यादव को कार्यालय में अटैच कर दिया है।
मोबाइल पर बात करने से रोका था
भाजपा के दबाव में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई तो हो गई थी, लेकिन बताया जा रहा है कि शेड़गे मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चला रहे थे। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका तो वे भिड़ गए। तब पुलिसकर्मियों ने दबी जुबान से कहा था कि सारी गलती शेड़के की ही थी और जबरदस्ती उन पर कार्रवाई हो गई।


