भोपाल। मध्यप्रदेश के सीएम डॉ.मोहन यादव ने सोमवार को आईजी पंजीयन कार्यालय से साइबर सब–रजिस्ट्रार दफ्तर का शुभारंभ किया। इससे फेसलेस और वर्चुअल प्रक्रिया के जरिए आधार, वीडियो केवाईसी और ई–साइन के माध्यम से घर बैठे दस्तावेज पंजीयन कराया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुभारंभ करते हुए कहा कि दस्तावेजों का फेसलेस रजिस्ट्रेशन होने से गलतियों में कमी आएगी। लोग ठप्पे और छापे लगवाकर परेशान होते थे। अच्छी–खासी साइन करने वालों से भी अंगूठा लगवाया जाता था। नई पीढ़ी के लिए यह नया दौर शुरू होने जा रहा है। अभी तक 14.95 लाख दस्तावेजों की रजिस्ट्री हो चुकी है। अब नई तकनीक से व्यवस्था में और सुधार हो सकेगा।
👉 यह भी पढ़ें:
- एमपी में नहीं थम रहा ‘दौ कौड़ी’ वाला विवाद, भोपाल में भाजपा कार्यालय के बाहर लगा पोस्टर, पटवारी को बता दिया पांच मुंह वाला सांप
- मध्यप्रदेश में 48 लाख निजी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराएगी सरकार, आठवीं तक के बच्चों को मिलेगी सिली हुई ड्रेस
- मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अगले महीने से, इंदौर से होगा 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन
- सीएम मोहन यादव के दिल्ली दौरे से गरमाई एमपी की सियासत, मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच कई नेताओं की धड़कनें तेज
सीएम ने कहा कि जहां विकास की गुंजाइश है। वहां विकास काम पीएम नरेंद्र मोदी के निर्देशन में हो रहे हैं और इसमें पारदर्शिता भी रखी जा रही है। बैंक वाला बैंक में, पंजीयन वाला पंजीयन ऑफिस में और दस्तावेज रजिस्टर कराने वाले कहीं भी बैठकर अपने दस्तावेज को रजिस्टर करा सकेगा। पंजीयन के जरूरी काम साइबर पंजीयन के माध्यम से हो सकेंगे और जो आरोप लगते हैं, उससे बचने का मौका मिलेगा।
ये दस्तावेज होंगे रजिस्टर्ड
रजिस्टर्ड लीज, पट्टा विलेख, प्रॉपर्टी एग्रीमेंट, प्रशासन बंध–पत्र, शपथ–पत्र, दत्तक ग्रहण से जुड़े दस्तावेज, बैंक गारंटी का नवीनीकरण, विक्रय प्रमाण–पत्र, वसीयत से जुड़े दस्तावेज, तलाक विलेख, क्षतिपूर्ति बंध पत्र, शेयर आवंटन पत्र सहित कई अन्य दस्तावेज फेसलेस तरीके से रजिस्टर्ड किए जा सकेंगे।
पंजीयन के लिए ये दस्तावेज जरूरी
फेसलेस रजिस्ट्री के लिए पक्षकारों को आधार नंबर देना अनिवार्य होगा। वर्चुअल प्रक्रिया के दौरान एआई सिस्टम के माध्यम से वीडियो रिकॉर्ड किया जाएगा, जिसमें पक्षकार को सिर दाएं–बाएं और ऊपर–नीचे घुमाने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद किसी एक पहचान पत्र– जैसे वोटर आईडी, पासपोर्ट, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस की मांग की जाएगी। एआई सिस्टम वीडियो, आधार फोटो और आईडी के फोटो का मिलान करेगा। सभी विवरण सही पाए जाने पर ही साइबर रजिस्ट्री संभव होगी।
ऑनलाइन रहेगी दस्तावेज पंजीयन प्रक्रिया
शुरुआती चरण में ये सेवाएं आईजी पंजीयन कार्यालय से शुरू की जाएंगी, जिन्हें बाद में जिला स्तर पर लागू किया जाएगा। पंजीयन अधिकारियों के अनुसार, संपदा-2.0 सॉफ्टवेयर की शुरुआत के बाद यह सुविधा शुरू की जा रही है। यह व्यवस्था वर्चुअल होगी, जिसमें स्लॉट बुकिंग से लेकर दस्तावेज पंजीयन तक की प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। इस सुविधा के तहत मध्यप्रदेश, अन्य राज्यों या विदेश में रहने वाले लोग भी साइबर रजिस्ट्री के माध्यम से अपने दस्तावेजों का पंजीयन करा सकेंगे।


