नई दिल्ली। यमुना की सफाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को एक बड़ी बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि यमुना को साफ करने वाले मिशन के लिए केवल संतोषजनक कार्य से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसके लिए सटीक रिजल्ट भी आने चाहिए। अब हर 20 दिन में सफाई कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
इसके लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों समेत केंद्र और राज्य सरकार के जो-जो भी मंत्रालय और विभाग शामिल हैं। इन सभी के साथ ‘यमुना पुनर्जीवीकरण’ परियोजना में हर 20 दिन में कितना कार्य किया गया है। इसका रिव्यू किया जाएगा, ताकि यमुना को साफ करने के लक्ष्य को जल्द से जल्द और लगन के साथ कार्य करके पूरा किया जा सके।
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इस काम में न हो कोई लापरवाही
गृहमंत्री शाह ने कहा कि संबंधित सरकार और अधिकारी तमाम STP, औद्योगिक वेस्ट और सभी नालों से निकल रहे डिस्चार्ज को अच्छे से मॉनिटर करें। औद्योगिक CETP या डेयरी वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट्स। इन सभी का निर्माण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए।
सभी राज्य सरकारें और मंत्रालय मिलकर करें काम
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि साफ और स्वच्छ यमुना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है और हम सभी को मिलकर इसे जल्दी ही पूरा करना है। इसके लिए जरूरी है कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारें और सभी संबंधित मंत्रालय यमुना को साफ-स्वच्छ करने के कार्य को अलग-अलग टुकड़ों में नहीं बल्कि टीम भावना का परिचय देते हुए मिलकर काम करें। हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तीनों राज्य मिलकर यमुना नदी में मानक इको-फ्लो सुनिश्चित करें।
तीनों राज्यों में बन चुके 128 एसटीपी
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना के तहत सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों से संबंधित केंद्रीय और राज्य मंत्री भी शामिल हुए थे। इसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उपस्थित हुईं। रिव्यू मीटिंग में बताया गया कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में अब तक 128 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी STP बन चुके हैं। जबकि साल 2027 के अंत तक 99 नए STP और बनाए जाएंगे।


