कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में लगातार टूट हो रही है। पहले विधायकों ने आंख दिखाई, अब सांसद भी ममता का मोह त्यागने में लगे हैं। सुखेंदु रॉय और काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के 10 से अधिक सांसदों ने सोमवार को शुभेंदु अधिकारी के साथ मुलाकात की है।
उल्लेखनीय है कि यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब जब ममता बनर्जी इंडिया ब्लॉक की मीटिंग में दिल्ली में मौजूद थीं। उसी समय उनके सांसदों का एक गुट सीक्रेट मीटिंग करने के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पहुंच चुके थे। भूपेंद्र यादव के घर हुई ये मीटिंग बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में हुई।
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20 से अधिक सांसद हो रहे हैं बागी
बताया जाता है कि टीएमसी के 20 बागी सासंदों ने पहले दिल्ली में सीक्रेट मीटिंग की थी। इनमें प्रसून बनर्जी, शताब्दी रॉय और जगदीश बसुनिया समेत कई नेता शामिल हैं। टीएमसी सांसदों की योजना है कि वे या तो स्पीकर के दिल्ली लौटने पर सामूहिक रूप से अपना इस्तीफा पत्र सौंपेंगे या 20 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ स्पीकर से मिलेंगे।
शुखेंदु शेखर रॉय ने दे दिया था इस्तीफा
इस मीटिंग में राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले शुखेंदु शेखर रॉय भी मौजूद थे। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने टीएमसी और ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता का नशा टीएमसी के सिर पर इस कदर चढ़ गया था कि उन्हें लगता था कि दुनिया में कोई उन्हें छू भी नहीं सकता। रॉय ने आरोप लगाया कि पिछले 15 साल में सत्ता में रहे मंत्री, पंचायत नेता, पार्षद, महापौर आदि पहुंच से बाहर हो गए। उन्होंने कहा कि हमारे पार्टी कार्यकर्ता जिन्होंने अपने खून-पसीने से संगठन को मजबूत किया, वाम मोर्चे के खिलाफ लड़ाई लड़ी, उन्हें दरकिनार कर दिया गया और बिचौलिए, चोर, डाकू और बलात्कारी सामने आ गए और करोड़ों की लूट की गई।
इससे पहले विधायक कर चुके हैं बगात
उल्लेखनीय है कि इससे पहले विधायकों का एक गुट टीएमसी से अलग हो चुका है और उन्होंने बंगाल विधानसभा में अपना नेता प्रतिपक्ष रितब्रता बनर्जी को चुना है। इन 58 बागी विधायकों ने अपना समर्थन पत्र विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को सौंप दिया था, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया। बंगाल में टीएमसी ने 294 सीटों में से 80 सीटें जीती थीं? ममता के पास अब मात्र 22 विधायकों का समर्थन है।


