सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स-निफ्टी हुए लाल

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शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 725.58 अंक और  निफ्टी 205.10 अंक नीचे आ गया

मुंबई। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार 23 अप्रैल को शेयर बाजार खुलते ही धड़ाम हो गया। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स  532.83 अंक  की गिरावट के साथ ओपन हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी भी 175.75 अंक फीसदी नीचे जाकर खुला। देखते ही देखते सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा टूट गया और निफ्टी भी 24,200 के अहम स्तर के नीचे फिसल गया।

सेंसेक्स बुधवार को भी रही थी गिरावट

आज के कारोबार की शुरुआत में  सेंसेक्स 725.58 अंक गिरकर 77,790.91 पर पहुंच गया, वहीं  निफ्टी 205.10 अंक नीचे जाकर  24,173 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बुधवार 22 अप्रैल के कारोबारी दिन जोरदार गिरावट देखने को मिली थी।. सेंसेक्स 756.84 अंक  की गिरावट के साथ 78,516.49 अंक तो वहीं, एनएसई निफ्टी 50 198.50 अंक फिसलकर 24,378.10 के लेवल पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर गिरावट में खुले

आज के कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर गिरावट के साथ खुले। इंडिगो में सबसे ज्यादा गिरावट रही। शुरुआती कारोबार में यह 2 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल और मारुति में भी 1 फीसदी से ज्यादा गिरावट रही। इसके विपरित  एचसीएल टेक, पावरग्रिड, टीसीएस, बीईएल और सन फार्मा के शेयरों में तेजी रही। रिलायंस का शेयर करीब 1 फीसदी गिरावट के साथ 1346 रुपये पर आ गया था।

निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट

आज के कारोबार में निफ्टी मिडकैप में 0.29 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.11 फीसदी गिरावट रही। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी कंस्ट्रक्शन और निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। निफ्टी फार्मा में तेजी आई है। निफ्टी पर डॉ रेड्डीज, ओएनजीसी, जियो फाइनेंशियल, सिप्ला और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे शेयरों में बढ़त रही। दूसरी ओर, इंटरग्लोब एविएशन, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई लाइफ, एशियन पेंट्स और एमएंडएम जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट ने बाजार पर दबाव बढ़ाया।

कच्चे तेल के कारण गिर रहा शेयर बाजार

जानकार इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल मानी जा रही है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे महंगाई और चालू खाते के घाटे को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह स्थिति बाजार पर दबाव डालती है। अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में ठहराव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास जारी तनाव ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। इन हालातों में निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं और जोखिम लेने से बच रहे हैं।

Ardhendu Bhushan
Ardhendu Bhushanhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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