गोलू भिया की ‘झांकी’ देख सीएम भी रह गए दंग, कांवड़ यात्रा के होर्डिंग पर सिर्फ दिख रहे ‘अजनेश’ के रंग

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

इंदौर। इन दिनों पूरे शहर में सिर्फ एक ही चर्चा है-वह है गोलू शुक्ला के कांवड़ यात्रा की। पूरे शहर को होर्डिंग से पाट दिया गया है। कल सीएम डॉ.मोहन यादव का काफिला जिस चौराहे और जिस रस्ते से गुजरा गोलू भिया ही छाए रहे। शायद सीएम साहब ने अपना फोटो भी देखने की कोशिश की होगी, लेकिन छोटा सा फोटो नजर नहीं आया होगा। हां, गोलू भिया ने इस बार इन होर्डिंग के माध्यम से अपने उत्तराधिकारी की घोषणा भी कर दी है।

हर होर्डिंग में बेटे का बड़ा फोटो

👉 यह भी पढ़ें:

गोलू भिया के अधिकांश होर्डिंग में सिर्फ वे और उनके समर्थक ही नजर आ रहे है। खास बात यह कि सारे होर्डिंग में एक चेहरा बहुत बड़ा नजर आ रहा है, जो उनके बेटे अजनेश का है। भाजपा में चर्चा है कि गोलू भिया ने इसके माध्यम से अपने उत्तराधिकारी की घोषणा कर दी है ताकि सारे अधिकारी से लेकर नेता तक समझ जाएं कि उनके बाद किसकी सुननी है।

भाजपा नेता ढूंढते रह गए सीएम के फोटो

सीएम यादव शुक्रवार को इंदौर में थे। कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान कई सड़कों और चौराहों से गुजरे। उनके काफिले के साथ चल रहे भाजपा नेताओं में यह चर्चा का विषय रहा कि गोलू भिया एक-दो होर्डिंग पर तो सीएम का बड़ा फोटो लगा सकते थे। कुछ होर्डिंग ऐसे नजर आए भी तो उसमें सीएम और भाजपा के अन्य नेताओं के छोटे चेहरे लगाए गए थे। अब भाजपा में यह चर्चा है कि गोलू भिया ने सबको बता दिया है कि हम ही हम हैं, तुम कौन हो।

बेटे ने ले ली थी अधिकारियों की बैठक

पिछले दिनों गोलू शुक्ला ने विधायक की हैसियत से नगर निगम के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इसमें वे तो नहीं पहुंचे, लेकिन बेटा अजनेश पहुंचा। उसने अधिकारियों को चमकाया भी और निर्देश भी दिए। सूत्र बताते हैं कि जब यह बात सीएम तक पहुंची तो उन्होंने गोलू को सख्त हिदायत दी थी कि आगे अगर ऐसा हुआ तो कोई अधिकारी नहीं आएगा। इसके बाद भी गोलू भिया ने होर्डिंग पर अजनेश का चेहरा देकर यह बता दिया है कि आगे चलेगा तो यही सिक्का।

पहले नंबर पर भिया, दूसरे नंबर बेटा

भाजपा के कुछ नेताओं का ही कहना है कि गोलू शुक्ला को न तो किसी नेता की जरूरत है और न ही किसी पार्टी की। होर्डिंग देखकर तो यही लग रहा है कि पहले नंबर वही हैं, अब दूसरे नंबर बेटा रहेगा। पद, पार्टी और बाकी नेताओं की चिन्ता वे करते नहीं और कोई इस संबंध में पूछता भी है तो एक ही जवाब होता है-जय श्री महाकाल।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

एमपी का 234 करोड़ का लग्जरी स्टेट प्लेन जल्द होगा लॉन्च, खास वॉयस कंट्रोल केबिन सहित

मध्य प्रदेश का 234 करोड़ का लग्जरी स्टेट प्लेन जल्द लॉन्च होगा। इसमें खास वॉयस कंट्रोल केबिन और उन्नत सीटें शामिल हैं।

MP Weather Update: भोपाल-इंदौर में तेज धूप, शाम को ठंडी हवा की लहर

भोपाल-इंदौर में तेज धूप और शाम को ठंडी हवा की लहर से मौसम में बदलाव। 15-16 अक्टूबर को प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बारिश के संकेत।

इंदौर में सस्ते माल का झांसा देकर 25 लाख रुपए की ठगी, व्यापारी के भाई को दिया ब्रीफकेस

इंदौर में सस्ते माल का झांसा देकर 25 लाख रुपए की ठगी हुई। व्यापारी के भाई को ब्रीफकेस दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

मध्य प्रदेश कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा के 8 माह के शावक की मौत

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा के 8 माह के शावक की मौत हुई है। वन विभाग मौत के कारणों की जांच कर रहा है।

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना: धार-पीथमपुर रेलखंड पर 6 घंटे टॉली निरीक्षण

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के धार-पीथमपुर रेलखंड पर छह घंटे तक टॉली निरीक्षण किया गया। यह CRS निरीक्षण की तैयारी का अहम हिस्सा है।

इंदौर से कोच्चि के लिए 25 अक्टूबर से नई कनेक्टिंग उड़ान शुरू

25 अक्टूबर से इंदौर-कोच्चि नई कनेक्टिंग उड़ान शुरू होने जा रही है। इंडिगो इस सेवा को गोवा और पुणे के रास्ते संचालित करेगी।

एमपी के पूर्व मंत्री डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल

डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री हैं।

डिप्टी सीएम देवड़ा के OSD दीपम रायचुरा सस्पेंड, शराब ठेके में गड़बड़ी के आरोप

डीप्टी सीएम देवड़ा के OSD दीपम रायचुरा पर शराब ठेकों में ₹1 करोड़ रिश्वत लेने और फर्जी FDR मामले में आरोप लगे हैं। जांच के बाद उन्हें सस्पेंड किया गया है।

वकील की चूक से हुई थी 1093 दिन की देरी, इंदौर हाईकोर्ट ने 50 हजार की कॉस्ट माफ की

इंदौर हाईकोर्ट ने वकील की चूक की वजह से 1093 दिन की देरी को माफ किया। कोर्ट ने 50 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई और मामले को पुनः ट्रायल कोर्ट भेजा।

असम सीएम ने कांग्रेस शासित तीन राज्यों को कहा- इस्तीफा दें, फिर बैलेट पेपर से चुनाव करें

असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस शासित राज्यों को इस्तीफा देने और बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। उन्होंने चुनाव प्रणाली पर कांग्रेस के आरोपों को भी खारिज किया।