शायद पैदायशी बड़बोले हैं विजय शाह…जब पहली बार मंत्री बनते ही बदले थे तेवर, खंडवा के कलेक्टर रह गए थे दंग

Date:


AI Audio Companion
Ready to stream full article

👉 यह भी पढ़ें:

0:00

0:00 left

शायद पैदायशी बड़बोले हैं विजय शाह

सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले विजय शाह शायद पैदायशी बड़बोले हैं। मध्यप्रदेश भाजपा चाहे उनके बारे में जो कुछ भी सोचे, मेरा अनुभव तो यही कहता है।

बात थोड़ी पुरानी है। शायद 2004 की। जब मध्यप्रदेश का एक शहर हरसूद इंदिरा सागर बांध में डूबने वाला था। मैं उस समय इंदौर के तीसरे नंबर के अखबार नवभारत के लिए रिपोर्टिंग करता था। खंडवा के सर्किट हाउस के एक कमरे में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अनूप मिश्रा रुके थे। मैंने डेढ़ महीने वहां रहकर रिपोर्टिंग की थी। मेरे साथ वर्तमान में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी जो उस समय सहारा समय चैनल के रिपोर्टिंग कर रहे थे भी थे। इसके अलावा नईदुनिया से जयश्री पिंगले और कई राष्ट्रीय अखबारों व चैनल के पत्रकार थे।

श्रीमान विजय शाह उस समय विधायक थे। मैं खंडवा के एक होटल में रुका था। मेरे पास कोई वाहन नहीं था, तो सुबह तैयार होकर सर्किट हाउस पहुंच जाता था कि कैलाशजी या अनुप मिश्राजी की गाड़ी में हरसूद चला जाऊं। हर दिन का यही रुटीन था। विजय शाह उस समय विधायक थे और सर्किट हाउस में कैलाशजी के कमरे के बाहर लगे सोफे पर बैठे नजर आते थे। कई बार मुझसे पूछते थे कि कैलाशजी या मिश्राजी फ्री हैं क्या?

उस समय पूरा नाम तो याद नहीं लेकिन सरनेम याद है, खरे साहब खंडवा के कलेक्टर हुआ करते थे। विजय शाह ने कई बार हम लोगों के सामने उन्हें खरेजी संबोधित किया था।

इसी दौरान विजय शाहजी मंत्री बन गए।

एक शाम की बात है। हवाई पट्‌टी से फोर सीटर प्लेन में कैलाशजी, अनूपमिश्रा जी और दो विभागों के पीएस भोपाल के लिए उड़ लिए। विजय शाहजी को थोड़े समय पहले ही मंत्री पद पर सुशोभित किया गया था। जैसे ही प्लेन उड़ा-एक तेज आवाज आई। खरे, इधर आओ।

जब मंत्री विजय शाहजी अपनी गाड़ी में चले गए तो कलेक्टर खरे मेरी तरफ मुखातिब हुए। उन्होंने कहा-देखिए कैसे बदल गए इनके तेवर। अभी तक तो खरेजी कह रहे थे। यह सिलसिला आज भी जारी है और शाहजी अपनी गलती आज तक समझ न पाए या कोई उन्हें समझा नहीं पाया। इसी का परिणाम है कि आज पूरे देश की भाजपा उनके कारण लज्जा से सिर झुका कर बैठी है।

Ardhendu Bhushan
Ardhendu Bhushanhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

Taslima Nasreen : 20 साल बाद कोलकाता आएंगी तसलीमा नसरीन, बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद हो रही है वापसी

बांग्लादेशी निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन लगभग 20  साल बाद कोलकाता वापस आ रही हैं। 1 अगस्त को वह कोलकाता के रवींद्र सदन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगी। यह जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर दी है।