मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर किया तीखा हमला

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव ने आज 6 अक्टूबर 2026 को चुनाव आयोग और बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए देश में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) में अनियमितताओं को लेकर कड़ा विरोध जताया। विपक्षी दलों के ‘INDIA’ गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन तक विरोध मार्च निकाला, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुख थी। इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेता शामिल रहे।

विरोध मार्च: संसद से निर्वाचन सदन तक विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

आज का विरोध मार्च विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ था। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत वोटरों के नाम बिना उचित जांच के हटाए जा रहे हैं, जिससे “वोट चोरी” का खतरा बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। हालांकि दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए और कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में भी लिया।

अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन को पुलिस ने हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी ने बैरिकेड पर चढ़कर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सोशल मीडिया पर मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देने का आग्रह किया।

मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव चुनाव आयोग पर हमला करते हुए

मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर लगाया बड़ा आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और बीजेपी पर तीखा हमला किया। उन्होंने देश के हालिया चुनावों को “गैरकानूनी” बताया और कहा कि इस तरह के चुनाव लोकतंत्र की हत्या के समान हैं। खरगे ने एसआईआर प्रक्रिया की खामियों को उजागर करते हुए आरोप लगाया कि इससे गरीब, अशिक्षित, कामगार और अल्पसंख्यक वर्गों को नुकसान हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित सभी प्रमुख नेताओं का पद पर बने रहना भी अवैध है। खरगे ने 30 सितंबर को हुई 19 विपक्षी दलों की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि सभी दल एसआईआर के खिलाफ एकजुट हैं और इस प्रक्रिया को देश के खिलाफ बताया।

राहुल गांधी ने पुलिस बैरिकेड पर किया प्रदर्शन

विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड पर चढ़कर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “Gyanesh it’s done bro. Time to resign,” जो कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देने की मांग को दर्शाता है। यह नारा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और विपक्ष के गुस्से को दर्शाता है।

राहुल गांधी व अन्य विपक्षी नेताओं ने इस प्रदर्शन को लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी बताया और इसे जनता के वोटिंग अधिकारों के लिए संघर्ष करार दिया।

दिल्ली पुलिस ने लगाया कड़ा सुरक्षा प्रबंध, कई नेताओं को हिरासत में लिया

दिल्ली पुलिस ने विरोध मार्च के दौरान संसद मार्ग के पास विशेष सुरक्षा इंतजाम किए। बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की गई। इसके बावजूद विरोध जारी रहा और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।

अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की। हालांकि इस कार्रवाई को विपक्ष ने लोकतंत्र पर हमला बताया।

19 विपक्षी दलों की बैठक में लिया गया था मार्च का फैसला

यह विरोध मार्च 30 सितंबर 2026 को दिल्ली में 19 विपक्षी दलों की एक संयुक्त बैठक में तय किया गया था। इस बैठक में एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर चुनाव आयोग के खिलाफ कार्रवाई करने पर सहमति बनी।

हालांकि आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मार्च से खुद को अलग रखा। विपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

एसआईआर प्रक्रिया और लोकतंत्र पर इसके संभावित प्रभाव

विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना है। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं। इससे मतदाता नाम हटाए जा रहे हैं और नई नामांकन प्रक्रिया में भी अनियमितता हो रही है।

यह स्थिति आम जनता के वोटिंग अधिकारों को प्रभावित कर सकती है। यदि मतदाता सूची में त्रुटियां बनी रहीं तो चुनाव निष्पक्ष नहीं रहेंगे। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि वे देश के विभिन्न हिस्सों में इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रखेंगे।

Ardhendu Bhushan - Consulting Editor
Ardhendu Bhushan - Consulting Editorhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर पूछा, चुनाव आयुक्त हमसे मिल क्यों नहीं रहे?

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से मिलने की अनुमति न मिलने पर सवाल उठाया। विपक्ष ने SIR और फॉर्म 6 के विवाद पर प्रदर्शन किया।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर जताया Gen-Z अंदाज में तंज, हाथ में तख्ती लेकर पहुंचे

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर Gen-Z अंदाज में तंज जताया। उन्होंने हाथ में तख्ती लेकर 6 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया।

हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी, भावुक पोस्ट में जताया दर्द

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला हरमनप्रीत कौर के लिए भावुक पल लेकर आया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने दर्द को साझा किया।

FlyDubai के को-पायलट का बड़ा खुलासा: शहीद होकर मरना चाहता था, गाजा हमला था वजह

फ्लाईदुबई के को-पायलट ने गाजा संघर्ष का बदला लेने की वजह से हमला किया। उसने शहीद होकर मरने की इच्छा जताई। जांच में कई अहम तथ्य सामने आए।

कूनो में KJP21 ने दिए 5 शावकों को जन्म, चीता संरक्षण में बड़ी सफलता

कूनो नेशनल पार्क में KJP21 ने 5 शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत में चीता संरक्षण को बड़ी सफलता मिली है। यह प्रोजेक्ट चीता के लिए अहम मील का पत्थर है।

80 के दिग्विजय सिंह ने पदयात्रा और उम्र पर तंज करने वालों को दिया करारा जवाब

80 वर्ष की उम्र में पदयात्रा और उम्र पर तंज करने वालों को दिग्विजय सिंह ने दिया करारा जवाब। उनकी सत्य सनातन स्वाभिमान पदयात्रा का मकसद और उद्देश्य।

नाश्ते के पैसे मांगने पर युवक की चाकू से हत्या, बाणगंगा हत्याकांड में आरोपित गिरफ्तार

बाणगंगा हत्याकांड में नाश्ते के पैसे मांगने पर युवक की चाकू से हत्या हुई। पुलिस ने आरोपी सुरेश उर्फ बिल्लू को गिरफ्तार कर न्यायालय ने उम्रकैद की सजा दी।

भोपाल कार्यक्रम में CM मोहन यादव ने कहा, लाडली योजना बहुत महंगी पड़ गई

भोपाल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि लाडली योजना बहुत महंगी पड़ गई। बुंदेली समागम में बिन्नू रानी के सवाल पर सीएम ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया।

इंदौर में दीपावली पर जीएसटी रिटर्न भरने की आखिरी तारीख तय

इंदौर में दीपावली पर जीएसटी रिटर्न भरने की आखिरी तारीख को लेकर व्यापारियों में चिंता बढ़ी है। अक्टूबर माह के जीएसटीआर-1 की अंतिम तिथि 10 नवंबर 2026 है।

त्योहारों के करीब, इंदौर-हावड़ा एक्सप्रेस में स्लीपर 125 और 3AC 110 तक वेटिंग

त्योहारों के करीब इंदौर-हावड़ा एक्सप्रेस में स्लीपर 125 और 3AC 110 तक वेटिंग की स्थिति बनी हुई है। यात्रियों को टिकट मिलने में परेशानी हो रही है।