नई दिल्ली। आप से भाजपा में शामिल होने के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को नई जिम्मेदारी मिल गई है। राघव चड्ढा को उच्च सदन यानी राज्यसभा की याचिका समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इस समिति का पुनर्गठन करते हुए इसमें दस सदस्यों को नामांकित किया है। राघव चड्ढा की यह नियुक्ति तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है।
सचिवालय ने जारी की अधिसूचना
राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में इस नियुक्ति की पुष्टि की गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि सभापति सीपी राधाकृष्णन ने याचिका समिति का पुनर्गठन किया है, जो 20 मई से प्रभावी हो गया है। राघव चड्ढा को इस महत्वपूर्ण समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। राघव चड्ढा पिछले कुछ समय से अपनी राजनीतिक गतिविधियों को लेसमिति में कौन-कौन शामिल?
👉 यह भी पढ़ें:
- मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दाखिल किया नामांकन, सीएम बने प्रस्तावक
- मध्यप्रदेश में राज्यसभा के लिए घुंघरू बांधे बैठे रह कई नेता, केरल के कुरियन ने हाईजैक कर ली ‘महफिल’-हरीश फतेहचंदानी
- राज्यसभा में ब्रायन पर भड़के सभापति धनखड़, कहा-आपको बाहर का रास्ता दिखाऊंगा और चेयर छोड़कर चले गए
10 सदस्यीय समिति में कई सांसद शामिल
याचिका समिति में 10 सदस्य शामिल किए गए हैं। इसमें राघव चड्ढा के अलावा देश के कई अन्य प्रमुख सांसदों को शामिल किया गया है। इस समिति के अन्य सदस्य हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रोंगवरा नारजारी और संदोष कुमार पी हैं। यह समिति राज्यसभा में आने वाली विभिन्न याचिकाओं और जनहित के मामलों पर विचार करती है।
मेनका गुरुस्वामी को भी जिम्मेदारी
एक अन्य अधिसूचना में राज्यसभा सचिवालय ने जानकारी दी कि सभापति ने 20 मई, 2026 को राज्यसभा सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को भी एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें कॉपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 की संयुक्त समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। यह विधेयक कॉपोरेट जगत से जुड़े नियमों में सुधार से संबंधित है।कर काफी चर्चा में रहे हैं।



