इंदौर। प्रदेश के काबिना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इन दिनों रेवती रेंज को पितृ पर्वत बनाने की तैयारी में जुटे हैं। इसके लिए 2024 से मंत्रीजी लगातार मेहनत कर रहे हैं। भाजपा के सारे बड़े नेताओं और मंत्रियों को यहा लाने की कोशिश होती रही है और कई नेता पौधा लगा भी चुके हैं।
सीएम डॉ.मोहन यादव कल यानी शनिवार को इंदौर में थे। वे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत के साथ ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल भी हुए, लेकिन रेवती रेंज में पौधा लगाने नहीं पहुंचे। जबकि, शनिवार को ही केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल रेवती रेंज पहुंचे थे फिर भी सीएम नहीं गए।
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लगातार कोशिश में जुटे रहे नगर अध्यक्ष
सूत्र बताते हैं कि नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा सीएम को रेवती रेंज ले जाने के लिए लगातार कोशिश करते रहे। उन्होंने कई बार सीएम को याद भी दिलाया, लेकिन अंत में सीएम ने देरी होने की बात कह वहां जाने से किनारा कर लिया। आखिरकार नगर अध्यक्ष को निराशा ही हाथ लगी।
मिश्रा ने रमेश मेंदोला को भी गाड़ी में बिठाया
नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा चाहते थे कि हर हाल में सीएम रेवती रेंज पहुंचे, इसलिए उन्होंने सीएम की गाड़ी में विधायक रमेश मेंदोला को भी बिठवा दिया। मिश्रा का आग्रह था कि एयरपोर्ट के रास्ते में ही रेवती रेंज है, इसलिए पांच मिनट के लिए सीएम चले जाएं, लेकिन वे अपने अभियान में सफल नहीं हो पाए।
केंद्रीय मंत्रियों को बुलवाकर जमाते हैं झांकी
मंत्री विजयवर्गीय 2024 से ही केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के बड़े नेताओं को बुलवाकर झांकी जमाते रहे हैं। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर सहित कई नेता आए थे। सबसे खास बात यह कि जब भी कोई केंद्रीय मंत्री और बड़ा नेता इंदौर आता है तो मत्रीजी अपनी टीम के साथ एयरपोर्ट पर उसे घेरने पहुंच जाते हैं। शनिवार को जब भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष इंदौर आए तो मंत्रीजी अपने लाव-लश्कर के साथ एयरपोर्ट पर थे, ताकि उन्हें भी रेवती रेंज ले जाया जा सके।
रेवती रेंज को लेकर उठ रहे विवाद
रेवती रेंज को लेकर अब विवाद भी उठ रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि मंत्रीजी इस पर भी पितृ पर्वत जैसा कब्जा करना चाहते हैं। इसीलिए 2024 से यहां लगातार पौधारोपण के नाम पर बड़े नेताओं और मंत्रियों के लाने का सिलसिला चल रहा है।
कार्यकर्ताओं का स्थायी ठिकाना बना
भाजपा के नेताओं का ही कहना है कि अब बीएसएफ की जमीन रेवती रेंज पर मंत्रीजी का स्थायी ठिकाना हो गया है। इसके लिए शेड भी तैयार हो चुका है, जहां कार्यकर्ता डेरा डाले बैठते हैं। इस तरह धीरे-धीरे कब्जे का दायरा बढ़ता जा रहा है। इस तरह पौधारोपण के नाम पर एक और पितृ पर्वत की पूरी तैयारी हो चुकी है।



