👉 यह भी पढ़ें:
- मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, नाम वापसी की आखिरी तारीख आज
- इश्क करो पार्टी’ से राजनीति में एंट्री! पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू का बड़ा दांव, क्या बदल जाएगा राजनीतिक नैरेटिव?
- विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से भी एशियन गेम्स के ट्रायल में शामिल होने की मिली मंजूरी
- आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: खाना खिलाने वालों की भी तय होगी जिम्मेदारी
- टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, कोर्ट ने मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति को सही ठहराया
- सुप्रीम कोर्ट में बोले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा-मुझे गिरफ्तार कर जलील करने की जरूरत नहीं
0:00 left
नई दिल्ली। ज्ञानवापी मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर वजुखाना का एएसआई सर्वेक्षण कराने के लिए हिंदू पक्ष द्वारा दायर याचिका पर मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी किया। हिंदू पक्ष का दावा है कि वजुखाना के अंदर एक शिवलिंग है, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह एक फव्वारा है। जवाब के लिए मुस्लिम पक्ष को दो सप्ताह का समय दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस हिंदू याचिकाकर्ताओं द्वारा दाखिल की गई याचिका के आधार पर किय गया है। हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा कि हिंदू पक्ष द्वारा यह मामला सुप्रीम कोर्ट में ले जाया गया है। अभी भी वजूखाना में शिवलिंग का सर्वेक्षण नहीं हुआ है। पुरातत्व सर्वेक्षण के बाद ही यह पता चल पाएगा कि यह शिवलिंग है या फव्वारा। उल्लेखनीय है कि ज्ञानवापी के 12 तहखानों में से 8 तहखानों की एएसआई सर्वे नहीं हो पाया था। इसके साथ ही मुख्य गुंबद के नीचे जो ज्योतिर्लिंग है, उसका भी सर्वे नहीं हुआ है। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई थी। इसमें मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है।



