तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है क्योंकि मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) ने ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल होकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला है। इस राजनीतिक घटना ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है।
‘इंडिया’ गठबंधन में टीवीके का शामिल होना
3 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में कांग्रेस मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन में आयोजित इंडिया गठबंधन की समन्वय बैठक में तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) ने पहली बार भाग लिया। मुख्यमंत्री विजय की सलाह पर TVK के महासचिव और लोक निर्माण मंत्री आदव अर्जुन तथा वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। इस कदम से तमिलनाडु में विपक्षी दलों की एकजुटता और बढ़ी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उठी इस्तीफा मांग
बैठक में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और 13 करोड़ से अधिक नाम काटे जाने के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। पार्टी ने देशभर में हुए इस विवाद को लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इस मुद्दे को लेकर तमिलनाडु में व्यापक आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है।
राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की योजना
बैठक में निर्णय लिया गया कि 13 और 14 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के सभी जिला मुख्यालयों में CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 15 अक्टूबर को चेन्नई में इंडिया गठबंधन की सात सहयोगी पार्टियों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में एक बड़ा संयुक्त प्रदर्शन आयोजित होगा। यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग के खिलाफ गहरी नाराजगी का प्रतीक माना जा रहा है।

इंडिया गठबंधन में सात पार्टियों की भागीदारी
इस बैठक में कांग्रेस, TVK, सीपीआई, सीपीआई-एम, वीसीके, एमडीएमके और आईयूएमएल सहित कुल सात विपक्षी दल शामिल हुए। तमिलनाडु में इस गठबंधन के साथ विपक्षी ताकतों का एक नया समीकरण बन रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बी. मणिक्कम टैगोर ने TVK के इस कदम को ऐतिहासिक बताया और इसे गठबंधन के लिए मजबूती का संकेत माना।
सांसदों का संसद मार्च और राजनीतिक माहौल
गठबंधन के सांसदों ने 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। यह कदम चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने का प्रयास है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह प्रदर्शन तमिलनाडु में आगामी चुनावों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत होगा।
मतदाता सूची विवाद का आम जनता पर असर
मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने से आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। इससे कई संभावित मतदाता मतदान से वंचित रह सकते हैं। इस संदर्भ में TVK और इंडिया गठबंधन का विरोध प्रदर्शन प्रदेश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए भी है। आम जनता इस विवाद को लेकर चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रही है।



