मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की खिलचीपुर कृषि उपज मंडी में सोयाबीन खरीदी में देरी से किसानों का हंगामा और चक्काजाम हुआ। इस घटना ने सोयाबीन खरीदी प्रक्रिया में हो रही समस्याओं को फिर से उजागर किया है।
खिलचीपुर मंडी में सोयाबीन खरीदी में देरी से किसानों का प्रदर्शन
4 अक्टूबर 2026 को करीब 500 किसानों ने सोयाबीन खरीदी में हो रही देरी और उचित दाम न मिलने के विरोध में खिलचीपुर मंडी के सामने प्रदर्शन किया। किसानों ने नाराजगी जताते हुए सड़क पर पत्थर डालकर चक्काजाम कर दिया। उनका आरोप था कि मंडी में कई ट्रैक्टरों की उपज सुबह से खड़ी थी, लेकिन खरीदी देर से शुरू हुई और शाम तक बंद कर दी गई।
किसानों का कहना था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹4,892 प्रति क्विंटल तय होने के बावजूद उन्हें 5100 से 5200 रुपए तक भाव मिल रहे हैं, जो उनकी अपेक्षा से कम है। इसके कारण किसानों का रोष बढ़ गया और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर उग्र आंदोलन किया।

चक्काजाम के दौरान हुई तोड़फोड़ और पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान कुछ युवक लाठी-डंडे लेकर मंडी परिसर में घुस गए और व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की। तौल कांटे, CCTV कैमरे, लाइट और कुर्सियां क्षतिग्रस्त हुईं। व्यापारियों ने मंडी प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
खिलचीपुर थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत ने बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपित युवकों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। वहीं, प्रशासन ने किसानों को खरीदी फिर से शुरू कराने का आश्वासन दिया।
मंडी प्रशासन का पक्ष और खरीदी प्रक्रिया की चुनौतियां
मंडी सचिव रामप्रसाद राज ने बताया कि खरीदी सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक हुई। बैंक भुगतान व्यवस्था के लिए एक घंटे का ब्रेक दिया गया और शाम 5 बजे से 6:15 बजे तक फिर से खरीदी जारी रही। अंधेरा होने के कारण मंडी बंद करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि करीब 50 किसानों की उपज बची हुई थी, जिसके बाद हंगामा शुरू हुआ। प्रशासन ने किसानों को अगले दिन खरीदी के लिए आश्वस्त किया।

किसानों की मांगें और न्यूनतम समर्थन मूल्य का महत्व
किसान चाहते हैं कि सोयाबीन की खरीदी समय पर और उचित मूल्य पर हो। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) किसानों को फसल का न्यूनतम लाभ सुनिश्चित करता है। मध्य प्रदेश में MSP ₹4,892 प्रति क्विंटल तय है, लेकिन किसानों का कहना है कि बाजार भाव इससे भी कम मिल रहा है जिससे उनकी आर्थिक दशा पर असर पड़ रहा है।
इस असंतोष ने इस बार के खरीदी सत्र में किसान आंदोलन को उकसाया है। किसानों का कहना है कि उचित दाम नहीं मिलने पर वे आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएंगे।
आगे की संभावनाएं और प्रभाव
खिलचीपुर मंडी में सोयाबीन खरीदी में देरी और असंतोष से किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, अगर खरीदी प्रक्रिया में सुधार नहीं हुआ तो आगामी दिनों में और अधिक आंदोलन हो सकते हैं।
प्रशासन और मंडी प्रबंधन को तेजी से उपज की खरीदी पूरी करनी होगी ताकि किसानों की परेशानियां कम हों और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
प्रशासन की कोशिशें और किसानों के साथ संवाद
खिलचीपुर एसडीएम ज्योति राजोरिया ने किसानों से बातचीत कर उन्हें खरीदी शुरू कराने का आश्वासन दिया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए सतर्कता बढ़ाई है।
इस प्रयास से उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में किसानों की समस्याओं को जल्द से जल्द हल किया जाएगा और सोयाबीन खरीदी सुचारू रूप से हो सकेगी।



