0:00
0:00 left
एक देश-एक चुनाव;कांग्रेस ,ओवैसी , का विरोध मायावती का सकारात्मक रुख
केंद्रीय कैबिनेट ने एक देश, एक चुनाव पर बनाई उच्च स्तरीय कमेटी की सिफ़ारिशों को मंजूर कर लिया है. कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी हैं.
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है, मैंने लगातार एक देश, एक चुनाव का विरोध किया है क्योंकि यह समस्या की खोज में किया गया समाधान है. यह संविधान के मूलभूत ढांचे में मौजूद संघवाद को बर्बाद करता है, लोकतंत्र के साथ समझौता है.
उन्होंने कहा है, एक से अधिक चुनाव मोदी और शाह को छोड़कर किसी के लिए समस्या का विषय नहीं है. क्योंकि उन्हें नगर पालिका और स्थानीय निकाय के चुनावों में भी प्रचार करने की आवश्यकता होती है. इसका मतलब यह नहीं है कि हमें एक साथ चुनावों की आश्यकता है. बार-बार और समय-समय पर चुनाव होने से लोकतांत्रिक जवाबदेही में सुधार होता है.

👉 यह भी पढ़ें:
- सिर्फ मीडिया में बयान देने से कुछ नहीं होगा उमंग सिंघारजी, विपक्ष का धर्म निभाइए, मैदान में जाइए
- इंदौर में BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा विपक्ष को देश की प्रगति से बेचैनी
- नितिन नवीन के कार्यक्रम के लिए आईडीए से नहीं ली कोई अनुमति, राहुल गांधी की राह में अटकाते रहे रोड़ा
- कहीं राहुल गांधी के कार्यक्रम से डर तो नहीं गई भाजपा, आनन-फानन में नितिन नवीन के दौरे का क्या अर्थ लगाएं?
- भाजपा इंदौर की नगर कार्यसमिति घोषित, कांग्रेस से आए कई नेताओं को स्थान
- राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले ‘लेटर वॉर’
बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा है, एक देश, एक चुनाव’ की व्यवस्था के तहत देश में लोकसभा, विधानसभा व स्थानीय निकाय का चुनाव एक साथ कराने वाले प्रस्ताव को केन्द्रीय कैबिनेट की मंजूरी पर हमारी पार्टी का स्टैंड सकारात्मक है, लेकिन इसका उद्देश्य देश व जनहित में होना जरूरी है





