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इंदौर। पहलगाम हमले के बाद विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल का एक पोस्टर चर्चा में है। इसमें लिखा है कि जब धर्म पूछकर गोली मारी जा सकती है तो वैसे ही व्यापार करना होगा। अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए… अब तो नाम पूछना ही पड़ेगा। आदत डालिए नाम पूछने की…। पोस्टर में जम्मू-कश्मीर का नक्शा भी है, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का शव और उसके पास बैठीं उनकी पत्नी हिमांशी दिखाई दे रही हैं।
हालांकि यह पोस्टर शहर में काफी कम स्थानों पर देखा गया है, लेकिन इसकी चर्चा सोशल मीडिया पर जबरदस्त हो रही है। विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत के राजेश बिंजवेने कहा कि धर्म पूछकर मारा जा रहा है, तो तुम्हें हिंदुस्तान में रहने का अधिकार नहीं है। हमसे कमाएंगे और हम ही पर गोलियां चलाएंगे ये तो ठीक नहीं है। हिंदू समाज से आव्हान किया है कि जब भी किसी से व्यापार-व्यवहार करो तो सबसे पहले नाम पूछो। नाम नहीं बताते हैं, जय श्रीराम नहीं कहते हैं तो हमें उनसे व्यापार-व्यवहार नहीं करना है। जब पेट पर लात लगेगी, तब समझ में आएगा कि हम यहां आतंकवाद नहीं फैला सकते हैं। हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम् कहना पड़ेगा। पहलगाम आतंकी हमले को लेकर इंदौर के कई इलाकों में इससे पहले भी विरोध-प्रदर्शन और पोस्टरबाजी देखी जा चुकी है। बीते हफ्ते शहर के छप्पन दुकान इलाके में एक पोस्टर लगाया गया था, जिसमें लिखा था सुअरों और पाकिस्तानी नागरिकों को नो एंट्री (पिग्स एंड पाकिस्तानी सिटीजन्स आर नॉट अलाउड)। इस पोस्टर में एक सुअर को पाकिस्तानी सेना के जनरल के रूप में दिखाया गया था।
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