दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में स्पष्ट किया है कि ‘तिरंगा मार्च’ को लेकर सीजेपी के नेता अभिजीत दिपके के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह बयान 15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट की विशेष पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान दिया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट में ‘तिरंगा मार्च’ पर सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ, जिसमें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा शामिल थे, ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित तिरंगा मार्च के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता पालिका बाजार के स्ट्रीट वेंडर और स्थानीय व्यापारी थे, जिन्होंने प्रदर्शन से व्यापार प्रभावित होने की चिंता जताई।
👉 यह भी पढ़ें:
- आप सांसद संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस की बदसलूकी पर राज्यसभा समिति को पत्र लिखा
- जंतर-मंतर पर अब धरना-प्रदर्शन बैन, दिल्ली पुलिस ने तीन नई जगह बताई
- दिल्ली पुलिस ने प्रोटेस्ट पर प्रेस कॉन्फेंस में कहा, ‘CJP ने कानून का पालन नहीं किया’
- कॉकरोच जनता पार्टी ने पुलिस के अमानवीय व्यवहार पर उठाए गंभीर सवाल
- ममता बनर्जी ने CJP समर्थन में मुंह पर बैंड-एड लगाकर जताया विरोध
- महुआ मोइत्रा ने दिया अनोखा सुझाव, भगवा पहनकर गदा लेकर जंतर-मंतर जाएं
हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल किसी रोक का आदेश नहीं दिया और दिल्ली पुलिस के सुरक्षा आश्वासन को स्वीकार किया। अगली सुनवाई 3 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है।

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को दिया सुरक्षा का भरोसा
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सीजेपी के नेता अभिजीत दिपके के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
इस आश्वासन को अदालत ने रिकॉर्ड पर लिया, जिससे स्पष्ट हुआ कि पुलिस स्थिति पर पूरी नजर रखेगी।
याचिका में व्यापारियों की चिंताएं
याचिकाकर्ता ने मुख्य रूप से यह तर्क दिया कि सेंट्रल पार्क विरोध प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग और पाबंदियों के कारण इलाके में व्यापार, यातायात और पैदल यात्रियों की आवाजाही बाधित होगी।
यह भी बताया गया कि दशहरा सप्ताहांत होने के कारण व्यापारियों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है, और प्रदर्शन से आर्थिक नुकसान हो सकता है।

अभिजीत दिपके का तिरंगा मार्च का आह्वान
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 16 अक्टूबर शाम 5 बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आयोजन किया है। उन्होंने जनता से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है।
दिपके ने कहा कि तिरंगा फहराना किसी अपराध से कम नहीं है और गिरफ्तार किए गए नेताओं के समर्थन में यह मार्च बुलाया गया है। उन्होंने जेल जाने की भी आशंका जताई लेकिन कहा कि उनका तिरंगा उनके गर्व का प्रतीक है।
कनॉट प्लेस में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए, पुलिस ने कनॉट प्लेस क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क हैं और समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
आगे की सुनवाई 3 नवंबर को
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार किया है, लेकिन القضية की अगली सुनवाई 3 नवंबर 2026 को होगी। तब अदालत इस मामले में और तटस्थ निर्णय कर सकती है।
इस बीच, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन की तैयारियों पर सभी की नजर बनी हुई है।



