महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी की अनिवार्यता पर बवाल, राज ठाकरे बोले-यूपी, बिहार और एमपी में क्या मराठी सिखाएंगे?

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मुंबई। महाराष्ट्र में प्रदेश सरकार ने स्कूलों में पहली से पांचवी कक्षा तक हिंदी अनिवार्य रूप से तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने का आदेश दिया है। इसके बाद महाराष्ट्र में सियासी बवाल मच गया है। मनसे नेता राज ठाकरे ने कहा कि यूपी, बिहार और एमपी में तीसरी भाषा क्या मराठी सिखाएंगे। गुजरात में भी हिंदी जरूरी नहीं है? शिक्षा मंत्री कह रहे हैं, यह ऑप्शनल भाषा है तो 6वीं से रखो ना पहली से क्यों करना है।

राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने जो पहली से पांचवीं तक हिंदी के सख्ती का निर्णय लिया है, 17 जून को मैंने पत्र लिखा था कि ऐसा ना करें। हिंदी कोई राष्ट्र भाषा नहीं है। राज ठाकरे ने कहा कि मुझे सीएम ने कहा था कि हम हिंदी अनिवार्यता का फैसला वापस ले रहे हैं, जिसके चलते मैंने 5 दिन पहले यह पत्र लिखा था जो अब मैं स्कूल के प्रिंसिपल को भेज रहा हूं।

उन्होंने कहा कि हिंदी सिर्फ एक राज्य भाषा है राष्ट्र की नहीं है। नए बच्चों को यह सब ना सिखाएं। उसे जो भाषा सीखनी है, बड़े होकर समझ जाएगा। आईएएस लॉबी का दबाव है क्या? तो यहां तीसरी भाषा का दबाव क्यों है? राज ठाकरे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तीसरी भाषा कौनसी सिखाएंगे। शिक्षा मंत्री कह रहे हैं, यह ऑप्शनल भाषा है तो 6वीं से रखो ना पहली से क्यों करना है। यह तो राज्य भाषा है, तो यह भाषा क्यों थोप रहे हैं? यूपी, बिहार और एमपी में तीसरी भाषा क्या मराठी सिखाएंगे. गुजरात में भी हिंदी जरूरी नहीं है।

Ardhendu Bhushan
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Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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