इंदौर। बिहार की तर्ज पर मध्यप्रदेश सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार को इंदौर में एसआईआर के संबंध में वर्चुअली प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इधर, कांग्रेस एसआईआर पर लगातार सवाल उठा रही है। भोपाल में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एसआईआर के माध्यम से 50 लाख वोटर्स के नाम काटने का आरोप लगाया।
बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय मध्यप्रदेश द्वारा आज मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 (एसआईआर) के संबंध में वर्चुअली प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी पंवार नवजीवन विजय, सहायक उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत श्रीवास्तव सहित सभी एसडीएम और सभी तहसीलदार आदि शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि निर्वाचन कार्यालय द्वारा इस कार्य के लिए मतदान केन्द्रवार बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) नियुक्त किए गए हैं, वहीं दूसरी और सहयोग के लिए राजनीतिक दल बूथ लेवल अभिकर्ता (बीएलए) नियुक्त कर सकते हैं। आम नागरिकों के सहयोग के लिए वॉलेंटियर भी नियुक्त किए जाएंगे।
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तीन बार घर-घर जाएंगे बीएलओ
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होते ही मतदाता सूची फ्रीज कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर 2003 की मतदाता सूची को देखा जा सकता है। इसके अलावा मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तीन बार बीएलओ घर घर जाकर सर्वे करेंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा।
7 फरवरी 2026 तक चलेगी प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू हो गई है जो 7 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस बीच 3 नवंबर तक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 9 दिसंबर को किया जाएगा। दावा आपत्तियों के आवेदन 9 दिसंबर से 9 जनवरी 2026 तक लिए जाएंगे। दस्तावेजों का सत्यापन 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 7 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
सिंघार बोले-50 लाख वोटर्स के नाम काटने की साजिश
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एसआईआर को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। भोपाल में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघार ने कहा कि चुनाव आयोग ने इसे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का नाम दिया है, लेकिन वे इसे सिलेक्टिव इंटेंसिव रिमूवल मानते हैं यानी वोटर लिस्ट से चुनिंदा नाम हटाने की प्रक्रिया। सिंघार ने बताया कि प्रदेश में 5 करोड़ 65 लाख मतदाता और 65 हजार मतदान केंद्र हैं। 4 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच सिर्फ एक महीने में साढ़े पांच करोड़ मतदाताओं की जांच कैसे संभव है? सिंघार ने कहा कि बिहार में लाखों लोगों को वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। कई मजदूर जो बाहर काम कर रहे थे, उन्हें डिलीट लिस्ट में डाल दिया गया। उन्होंने लोकसभा में 20 जुलाई 2023 को दिए गए एक जवाब का हवाला देते हुए कहा कि 50 लाख एमपी के लोग बाहर काम करते हैं, तो क्या उन्हें एमपी वापस आना पड़ेगा कि वे यहां



