इंदौर। शहर के कागदीपुरा इलाके की एक मस्जिद के ऊपर ‘गजवा-ए-हिंद’ के आतंक को दर्शाता एक पोस्टर नजर आ रहा है। हिन्द रक्षक संगठन ने इस पर कड़ी आपत्ति लेते हुए पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले दीपावली के अगले दिन शहर के छत्रीपुरा क्षेत्र में पटाखा चलाने को लेकर विवाद हुआ था।
हिन्द रक्षक संगठन के एकलव्य सिंह गौड़ ने सोशल मीडिया पर मस्जिद पर लगा पोस्टर शेयर किया है। उन्होंने कहा है कि जिहादी मानसिकता द्वारा शहर को आतंकित करने के मंसूबों से लगाया गए इस पोस्टर की अनुमति आखिर किस कट्टरपंथी ने दी है? उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया है कि तत्काल इस पर संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कठोर कार्रवाई करे।
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क्या है गजवा-ए-हिंद
गजवा-ए-हिंद में गजवा का अर्थ इस्लाम को फैलाने के लिए की जाने वाली जंग होता है। इस युद्ध में शामिल इस्लामिक लड़ाकों को गाजी कहा जाता है। जानकार बताते हैं कि गजवा-ए-हिंद के मायने भारत में जंग के जरिए इस्लाम की स्थापना करने से है। इसका एक अर्थ भारतीय उपमहाद्वीप में रहने वाले काफिरों को जीतकर उन्हें मुस्लिम बनाने से भी लगाया जाता है। सरल भाषा में कहें तो गजवा-ए-हिंद का मतलब जंग में भारत को जीतकर इसका इस्लामीकरण करने से है।



