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भोपाल। पिछली कई कैबिनेट की बैठकों से गायब रहने वाले प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अब अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उन्होंने अपने अंदर भर रखा असंतोष का गुबार बाहर निकाल दिया। वे अपने पुराने साथी प्रह्लाद पटेल के साथ सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में हो रहे विकास कार्यों को लेकर भिड़ गए।
सिंहस्थ के लिए उज्जैन की रोड कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए मोहन मंत्रिमंडल ने 100 किमी लंबी 3 सड़कों को बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रशासकीय मंजूरी दी। इस पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसके लिए 2312 करोड़ के बजट पर आपत्ति ली। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने उनका साथ देते हुए यह कह दिया कि इनकी लागत इतनी क्यों है?
अनबन की खबरों पर खुद ही लगा दी मुहर
इस तरह के सवाल जवाब को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं, क्योंकि मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में पहली बार इस तरह के सवाल हुए। सीएम मोहन यादव से कैलाश विजयवर्गीय के अनबन की खबरें तो पहले से ही चल रही हैं। यही वजह है कि विजयवर्गीय पिछले कई बैठकों में कोई न कोई बहाना कर शामिल नहीं हो रहे थे। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि इसका प्रमुख कारण इंदौर में विजयवर्गीय का पर कतरा जाना है। मंत्री बनने के बाद से विजयवर्गीय ने इंदौर की राजनीति पर कब्जा कर लिया था और दूसरे विधायकों के काम में भी हस्तक्षेप करने लगे थे। इसकी शिकायत इंदौर के कई विधायकों ने सीएम से की थी। इसके बाद सीएम ने अधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिए थे कि दूसरे की विधानसभा में किसी और का हस्तक्षेप नहीं होने दें। रही सही कसर सीएम ने इंदौर जिले का प्रभार लेकर पूरी कर दी। इसके बाद से ही विजयवर्गीय सीएम से नाराज चल रहे हैं।
बैठक में इस तरह भिड़े विजयवर्गीय
प्राप्त जानकारी के अनुसार कैबिनेट की बैठक में सीएस अनुराग जैन ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से उज्जैन में 1103 करोड़, 703 करोड़ व 207 करोड़ की 3 सड़कें बनाएंगे। सिंहस्थ में मदद मिलेगी, उज्जैन भी क्राउडेड नहीं होगा? इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि मेरी इस पर आपत्ति है। अभी सिंहस्थ में समय है। उज्जैन में सड़कों को सिंहस्थ फंड से बनाना चाहिए। शासन मद से क्यों सड़कें बनाई जा रहीं? बीओटी पर काम हो। इस पर सीएम यादव ने कहा कि सिंहस्थ का फंड सिर्फ 500 करोड़ है। फिर विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसा है तो सिंहस्थ का बजट बढ़वाएंगे। केंद्र से बात करेंगे। इतना पैसा उज्जैन में ही देंगे तो फिर बाकी की सड़कों का क्या होगा ? सीएस जैन ने कहा कि सड़क बनने में 3 से 4 साल लगते हैं। बीओटी में हो तो फाइनेंशियल क्लीयरेंस में एक से डेढ़ साल लगते हैं। शासन सड़क बनाकर उस पर टोल लगाएगा। सड़क के दोनों तरफ इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाएंगे। लैंड पुलिंग में भी पैसा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा बिल्कुल। अपर मुख्य सचिव ने कहा प्रस्ताव भी यही है। इसी बीच प्रहलाद पटेल बोले कि इन सड़कों की इतनी लागत क्यों है? अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बड़ी सड़कें हैं, जरूरी है।



