मध्य प्रदेश सरकार ने 12 अक्टूबर 2026 को फायर एंड इमरजेंसी नियम लागू कर दिया है। यह नियम नए मध्य प्रदेश अग्निशमन व आपातकालीन सेवा सामान्य नियम-2026 के तहत लागू होंगे। इसके अंतर्गत संपत्ति कर पर 2% फायर टैक्स देना अनिवार्य होगा।
नए फायर एंड इमरजेंसी नियम कब और कैसे लागू हुए
मध्य प्रदेश विधानसभा ने 21 जुलाई 2026 को मानसून सत्र में मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, 2026 पारित किया। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नियमों की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर इसे लागू कर दिया। अब राज्य के सभी नगरीय निकायों में यह नियम मान्य होंगे।
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संपत्ति कर में 2% फायर टैक्स का प्रावधान
नए नियमों के मुताबिक, नगरीय क्षेत्र में आने वाली सभी जमीनों और भवनों पर संपत्ति कर के साथ न्यूनतम 2% की दर से फायर टैक्स लगेगा। यह टैक्स अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए रखा गया है।
फायर टैक्स का यह प्रावधान राज्य के फायर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाएगा और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करेगा।
फायर ऑडिट रिपोर्ट जमा करना होगा हर साल
नियमों के तहत, विशेषकर बहुमंजिला और व्यावसायिक भवनों के मालिकों को हर साल 30 जून तक अपनी फायर ऑडिट रिपोर्ट सक्षम अधिकारी को जमा करनी होगी। यह रिपोर्ट भवन की अग्नि सुरक्षा की स्थिति का मूल्यांकन करती है।
यदि रिपोर्ट समय पर न दी गई तो तीन महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा। इसके बाद भी अनुपालन न होने पर फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट निरस्त किया जा सकता है और बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश दिए जा सकते हैं।
आग से सुरक्षा के लिए वार्षिक शुल्कों में बढ़ोतरी
फायर और इमरजेंसी सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्कों में हर साल 1 अप्रैल से 5% की दर से वृद्धि की जाएगी। यह बढ़ोतरी सेवाओं की गुणवत्ता और संसाधनों के विस्तार के लिए जरूरी है।
इससे नगरीय निकायों को अग्निशमन विभाग के बेहतर संचालन में मदद मिलेगी और आपातकालीन तैयारियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुफ्त अग्निशमन सेवाओं के लिए छूट
सरकारी अस्पताल, सरकारी कार्यालय, मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान और प्राकृतिक आपदा, नागरिक अशांति या सैन्य सहायता के दौरान अग्निशमन सेवाएं निःशुल्क रहेंगी। इससे आपातकालीन राहत कार्य निर्बाध और प्रभावी होंगे।
यह छूट सामाजिक और आपातकालीन जरूरतों को ध्यान में रखकर दी गई है ताकि फायर सेवाओं का लाभ समाज के महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुंचे।
स्थानीय स्वयंसेवकों की भर्ती और प्रशिक्षण का प्रावधान
नए नियमों के तहत नगरीय निकायों को स्थानीय नागरिकों में से स्वयंसेवक नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है। इन स्वयंसेवकों को मान्यता प्राप्त संस्थानों से 15 से 30 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह पहल अग्निशमन सेवाओं की तत्परता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर आपात स्थिति से निपटने की क्षमता मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।



