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जामनगर। पहले के राजा-महाराजा अपनी प्रजा का हाल जानने वेष बदलकर निकला करते थे। अब तो राजा-महाराजा रहे नहीं, सेठ जरूर हैं। देश के सबसे बड़े सेठ मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी इन दिनों जामनगर से द्वारका तक की पैदल यात्रा पर हैं। 140 किलोमीटर की इस यात्रा का एक वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है। इसमें वे मुर्गियों की खरीददारी करते नजर आ रहे हैं। यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने देखा कि एक ट्रक में 250 मुर्गियों को बूचड़खाने ले जाया जा रहा है। उन्होंने तुरंत उस गाड़ी को रुकवाया और ड्राइवर से बात कर दोगुनी कीमत देकर मुर्गियां खरीद ली।
अंबानी सेठ ने बहुत बड़ा काम किया। सोशल मीडिया पर जमकर इसकी तारीफ हो रही है, लेकिन इसके साथ ही कई सारे सवाल भी खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहली बार पैदल यात्रा पर निकले अंबानी सेठ को हलाल होने जा रही मुर्गियां दिखीं। अगर सचमुच उनके दिल में मुर्गियों के प्रति दया है तो वे देश की सारी मुर्गियां खरीद कर उनकी जान बचा सकते हैं। लोग तो यह भी कह रहे हैं कि अनंत अंबानी इसी तरह पैदल चला करें और मुर्गियों जैसी जिंदगी जी रहे इंसानों के लिए भी कुछ करें। पैदल चलेंगे तो सबकुछ दिखेगा। किसी को भी आपकी दयालुता पर संदेह नहीं है, लेकिन सिर्फ 250 मुर्गियां खरीदने से कुछ नहीं होने वाला। और एक मुर्गी को हाथ में लेकर जय द्वारकाधीश का नारा लगाने से भी कुछ नहीं होने वाला।
वन्यजीवों का कर रहे हैं संरक्षण
अपने प्रोजेक्ट वनतारा के माध्यम से अनंत अंबानी वन्यजीव संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने वनतारा का दौरा भी किया था और जानवरों के साथ खूब सारे फोटो भी खिंचवाए थे। केंद्र सरकार ने हाल ही में अनंत अंबानी को पशु कल्याण के लिए प्राणी मित्र राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया है। वनतारा में 2000 से अधिक प्रजातियों के 1.5 लाख से ज्यादा जानवरों को बचाया गया है।
इंसानों को भी है आपकी दया का इंतजार
आम जनता यह चाहती है कि आप पशुओं की तरह इंसानों का भी संरक्षण करें। इंसानों की हालत पशुओं से भी बदतर है। भूख और बीमारी से हर दिन हजारों लोग मरते हैं। आपके तो बड़े-बड़े अस्पताल हैं, लेकिन वहां भी आम इंसानों की पूछ-परख नहीं है। अपनी दयालुता दिखाकर गरीबों के लिए हर राज्य में एक-एक अस्पताल रही बनवा देते तो इंसानों का भला हो जाता।
10 अप्रैल को द्वारका में मनाएंगे जन्मदिन
अनंत अंबानी ने अपनी यात्रा 28 मार्च को जामनगर के मोती खावड़ी से शुरू की थी। वह 10 अप्रैल को अपना 30वां जन्मदिन द्वारका में मनाएंगे। लोगों को परेशानी न हो, इसलिए वह रात के समय यात्रा कर रहे हैं। मीडिया से अनंत ने कहा कि मैं हमेशा कोई भी काम शुरू करने से पहले भगवान द्वारकाधीश को याद करता हूं। युवाओं से मेरा संदेश है कि वे भगवान पर विश्वास रखें, क्योंकि जहां भगवान हैं, वहां चिंता की कोई बात नहीं।



