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नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट में बदनाम हुई फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी शिकंजा कसने जा रही है। एजेंसी यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध ट्रांजैक्शनों की गहराई से जांच करेगी। इसके साथ ही अन्य जांच एजेंसियां भी टेरर फंडिंग से जुड़े पहलुओं और मनी ट्रेल का पता लगाने में जुटी हैं।
बताया जाता है कि यूनिवर्सिटी के खातों और संबंधित संस्थानों की जांच से आतंकी मॉड्यूल की फंडिंग को लेकर कई अहम सुराग मिल सकते हैं। यह यूनिवर्सिटी दिल्ली विस्फोट मामले के बाद से जांच के घेरे में आई है। इस हमले से जुड़े डॉक्टर इसी यूनिवर्सिटी में पढाते थे। दिल्ली धमाके की जांच एनआईए पहले से ही कर रही है। अब ईडी और ईओडब्ल्यू भी जांच में शामिल हो गए हैं।
धमाके के बाद मंगलवार को अल फलाह यूनिवर्सिटी के पूरे कैंपस में सर्च अभियान चलाया गया था। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई थी। हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी में आतंकी नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों को हम लगातार सहयोग कर रहे हैं और जो भी जानकारी दिल्ली पुलिस की ओर से दी जाती है, उसके बाद छापेमारी में हरियाणा पुलिस साथ दे रही है।
यूनिवर्सिटी से जुड़ा एक ओर डॉक्टर पकड़ाया
हापुड़ के जीएस मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर फारूक को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। जम्मू के रहने वाले डॉक्टर फारूक ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस, एमडी की थी। पुलिस को इसके भी आतंकी संगठन से जुड़े होने का आशंका है। इसके अलावा राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) ने अल–फलाह विश्वविद्यालय को अपनी वेबसाइट पर गलत मान्यता प्रदर्शित करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।



