0:00
0:00 left
जमीन के बदले नौकरी घोटाला: लालू यादव और परिवार को अदालत का समन
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को “जमीन के बदले नौकरी” घोटाले में तलब किया है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव, बेटी हेमा यादव और छोटे बेटे एवं बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को भी समन जारी किया है।

11 मार्च को अदालत में पेश होने के निर्देश
अदालत ने सभी आरोपियों को 11 मार्च को पेश होने के निर्देश दिए हैं। तेजस्वी यादव को पहले जारी किए गए समन की तामील न होने के कारण नया समन जारी किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2004 से 2009 के बीच लालू यादव के रेल मंत्री कार्यकाल के दौरान रेलवे की ग्रुप-डी भर्तियों से जुड़ा है। आरोप है कि जबलपुर स्थित भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र में नौकरी के बदले राजद सुप्रीमो के परिवार या सहयोगियों के नाम पर जमीनें उपहार में ली गईं या हस्तांतरित कराई गईं।
सीबीआई ने 2022 में दर्ज किया था मामला
18 मई 2022 को सीबीआई ने लालू यादव, उनकी पत्नी, दो बेटियों, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और कुछ निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब अदालत के ताजा आदेश से इस घोटाले पर कानूनी कार्रवाई तेज होती दिख रही है।
👉 यह भी पढ़ें:
- कृष्णा गृह निर्माण संस्था के जमीन आवंटन में उलझा आईडीए, लोकायुक्त ने पत्र लिखकर मांगा जवाब
- कृष्णा संस्था के जमीन आवंटन में नियमों की उड़ी खुलेआम धज्जियां, जांच हो तो कई अफसरों तक पहुंचेगी आंच
- अपर आयुक्त के फर्जी आदेश मामले में दो बाबू और एक पटवारी की भूमिका, कार्रवाई की तैयारी
- अपने पारिवारिक कलह पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने कहा-विरासत को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती
- परिवार छोड़ने के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का छलका दर्द-मैं गंदी हूं मैंने पिता को गंदी किडनी लगवा दी
- लालू यादव का एनडीए पर तंज़: “घोषणा पत्र नहीं, सॉरी पत्र जारी किया गया”



