0:00
0:00 left
मैंने उत्तराखंड टनल से 41 मजदूरों को बचाया, प्रशासन ने मेरा घर तोड़ दिया;हसन
पिछले साल नवंबर में उत्तरकाशी में एक टनल में फंसे 41 मजदूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन में हिस्सा लेने वाले रेट माइनर वकील हसन के दिल्ली के खजूरी खास इलाके में स्थित घर पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बुलडोज़र चला दिया है.डीडीए के मुताबिक ये घर जिस ज़मीन पर बना था वो सरकारी जमीन थी, लेकिन वकील हसन का दावा है कि उन्हें इस कार्रवाई से पहले कोई नोटिस नहीं मिला था.

वकील हसन के मुताबिक, सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाकर पुलिस उन्हें थाने में भी ले गई और घंटों बिठाया.वक़ील हसन ने कहा कि उनके पूरे परिवार ने रात फुटपाथ पर बैठकर गुज़ारी और पड़ोसियों ने उन्हें खाना दिया.वे कहते हैं, जब घर तोड़ा जा रहा था तो मेरी पत्नी घर पर नहीं थी. मेरे बच्चे बस मौजूद थे. वकील हसन के मुताबिक कुछ महीनों पहले जब हम लोगों ने मिलकर टनल से मजदूरों को निकाला था तो पूरे देश ने हमें हीरो बनाया और आज मेरे साथ ये सलूक हुआ.वे दावा करते हैं कि जब तक उनके साथ इंसाफ नहीं होगा वे अनशन पर बैठेंगे.
👉 यह भी पढ़ें:
- कंगना रनौत का तीखा पलटवार: ‘पहले मेरे 1% बराबर सफलता हासिल करो, फिर ज्ञान देना!’
- मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान से सियासत गरम, निशिकांत दुबे का पलटवार
- केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी का विवादित बयान, कहा-सोनिया गांधी की रगों में इटैलियन खून
- स्वतंत्रता दिवस पर बाबा रामदेव का बड़ा बयान-सरकारी नौकरियों में 99% घोटाला
- राहुल गांधी पर गिरिराज सिंह का तीखा हमला, बोले- ‘हिट एंड रन की राजनीति करते हैं’
- “शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा क्या?” BJP सांसद जनार्दन मिश्रा के बयान से मचा सियासी बवाल, इथेनॉल पर छिड़ी नई बहस



