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आज लाया जा रहा 26/11 हमले का आरोपी तहव्वुर राणा
मुंबई में 26/11 के आतंकी हमले में आरोपी तहव्वुर राणा को गुरुवार को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। राणा के प्रत्यर्पण से पाकिस्तान सरकार की भूमिका और आतंकी हमले में उसकी संलिप्तता उजागर होने की संभावना जताई जा रही है।
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राणा ने प्रत्यर्पण से बचने के लिए आखिरी कोशिश के तौर पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। हालांकि, दो दिन पहले ही कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी। भारत सरकार की ओर से पहले ही अमेरिकी एजेंसियों के समन्वय में एक टीम अमेरिका भेजी गई थी, जिसने कानूनी और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राणा को हिरासत में ले लिया। यह टीम गुरुवार दोपहर तक राणा को भारत लेकर पहुंच जाएगी।
राणा ने 27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की एसोसिएट जज एलेना कागन के समक्ष बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर रोक के लिए आपातकालीन आवेदन दिया था, जिसे जज कागन ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उसने दोबारा अपील की, जिसे 4 अप्रैल को हुई सुनवाई में कोर्ट ने फिर खारिज कर दिया।
इससे पहले भी राणा ने बीमारी और भारत में अपनी जान को खतरा बताते हुए प्रत्यर्पण से छूट मांगी थी। फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी देने की घोषणा की थी।
पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा, 26/11 हमले के मुख्य साजिशकर्ता और पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का करीबी है। 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई हमले में छह अमेरिकियों समेत 166 लोग मारे गए थे। इस हमले को पाकिस्तान से आए आतंकियों ने अंजाम दिया था।
राणा से पूछताछ में पाकिस्तान स्थित आतंकी आकाओं और हमले की गहराई से जांच में अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



