नई दिल्ली। बिहार की तर्ज पर देश के 12 राज्यों में विशेष इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) होगा। चुनाव आयोग ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि अब चयनित 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ना और अयोग्य या दोहराए गए नामों को हटाना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मैं छठ के मौके पर सभी को खासकर बिहार के 7.5 करोड़ मतदाताओं को नमन करता हूं। बिहार में एसआईआर के बाद देश के सभी 36 स्टेट इलेक्शन कमिश्नरों के साथ 2 बैठक आयोजित की, जिनमें देशभर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के अनुभवों पर चर्चा की गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ने आगे कहा कि जिन राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण होने वाला है, वहां की मतदाता सूची आज रात 12 बजे फ्रीज कर दी जाएगी। हर बूथ पर एक बीएलओ और हर विधानसभा क्षेत्र में एक ईआरओ तैनात रहेगा। आज ही सभी मतदाताओं के लिए इन्यूमेरेशन फॉर्म प्रिंट किए जाएंगे। प्रत्येक बीएलओ कम से कम तीन बार हर घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। जो मतदाता अपने क्षेत्र से बाहर हैं, वे यह फॉर्म ऑनलाइन भी भर सकेंगे। इस प्रक्रिया के दौरान किसी अतिरिक्त दस्तावेज या फॉर्म की आवश्यकता नहीं होगी।
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असम के लिए अलग होंगे आदेश
असम में भी चुनाव हैं लेकिन दूसरे चरण के एसआईआर में इसका नाम ना होने की वजह बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारतीय नागरिकता कानून में असम की नागरिकता के लिए अलग कानून है। इसलिए असम के लिए अलग से एसआईआर के आदेश जारी किए जाएंगे। वहीं, पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर गतिरोध के सवाल पर चुनाव आयोग ने कहा कि वहां कोई गतिरोध नहीं है। संविधान के अंदर सभी संस्थाएं अपने अपने दायित्व का पालन करती है। चुनाव आयोग अपने दायित्व का पालन कर रहा है वहां की सरकार अपने दायित्व का पालन कर रही है।
इन राज्यों मे एसआईआर
अंडमान एंड निकोबार
छत्तीसगढ़
गोवा
गुजरात
केरल
लक्षद्वीप
मध्य प्रदेश
पुडुचेरी
राजस्थान
तमिलनाडु
उत्तर प्रदेश
पश्चिम बंगाल



