इंदौर। इंदौर-बैतूल हाईवे पर अवैध शराब की चेकिंग के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को आयशर वाहन से बेरहमी से कुचलकर मार डालने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे हुई पूछताछ में एक कांग्रेस नेता का नाम सामने आया है।
खातेगांव विधानसभा का प्रभारी है जायसवाल
सूत्र बताते हैं कि इस पूरे तस्करी नेटवर्क में लिकर कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष व कांग्रेस नेता पदाधिकारी राहुल जायसवाल की संलिप्तता सामने आई है, जिन्हें मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने खातेगांव विधानसभा का प्रभारी नियुक्त कर रखा था।
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दुकान में जायसवाल और उसका भाई पार्टनर
जांच में सामने आया कि टिमरनी स्थित शराब दुकान में कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल पार्टनर हैं। पुलिस ने रेडगांव टिमरनी वाइन शॉप के मैनेजर भूपेंद्र राणा को हिरासत में लिया है, जिसने पुलिस के सामने कांग्रेस नेता व उनके भाई की पार्टनरशिप की पुष्टि की है।
डीजी उपेंद्र जैन के हाथ जांच की कमान
हरदा के शराब कारोबारी व लिकर कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल जायसवाल का नाम आने के बाद शराब तस्करी नेटवर्क की जांच तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजी उपेंद्र जैन जांच की कमान संभालेंगे।
भाजपा ने जीतू पटवारी पर लगाया आरोप
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने सोशल मीडिया पर जीतू पटवारी और राहुल जायसवाल के संबंधों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पर शराब माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया। तस्करी में प्रयुक्त आयशर वाहन खरगोन निवासी अकील कुरैली के नाम पर पंजीकृत पाया गया है।
चेकिंग के दौरान चढ़ा दी थी गाड़ी
आबकारी निरीक्षक पूजा गेहलोत ने बताया कि जब्त वाहन में ऊपर नहीं, बल्कि नीचे एक विशेष गुप्त कंपार्टमेंट बनाकर बिना किसी वैध परमिट के 100 से 200 शराब की पेटियां तस्करी के लिए ले जाई जा रही थीं। टीआई द्वारा चेकिंग के लिए रुकवाते ही चालक ने उन पर वाहन चढ़ा दिया। वाहन में शराब परिवहन से संबंधित कोई भी वैध परमिट मौजूद नहीं था। नियमानुसार वैध परमिट होने पर आबकारी विभाग के पास रिकॉर्ड रहता है, परंतु यह पूरी तरह अवैध तरीके से ले जाई जा रही थी।



