भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस को जल्द ही नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल सकता है। वर्तमान डीजीपी कैलाश मकवाना 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक और पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का नाम इस दौड़ में काफी आगे बताया जा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो पहली बार मध्यप्रदेश पुलिस की कमान किसी महिला अफसर के हाथ होगी।
चयन के लिए यूपीएससी को भेजे गए थे नाम
जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने डीजीपी पद के लिए 12 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजे हैं। चयन प्रक्रिया के तहत आयोग की ओर से वरिष्ठता और निर्धारित मानकों के आधार पर तीन अधिकारियों का पैनल तैयार किए जाने की संभावना है। इसी पैनल में शामिल अधिकारियों में से राज्य सरकार नए पुलिस प्रमुख का चयन करेगी।
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रेस में तीन अफसर सबसे आगे
डीजीपी पद के लिए जिन तीन अधिकारियों के नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, वरुण कपूर और उपेंद्र जैन शामिल हैं। तीनों अधिकारी पुलिस प्रशासन में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं और अपने अनुभव के आधार पर इस पद के दावेदार माने जा रहे हैं। प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव वर्तमान में डीजी होमगार्ड के पद पर पदस्थ हैं। वरुण कपूर डीजी जेल के पद पर कार्यरत हैं। वरिष्ठता के लिहाज से उनका नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है। तीसरे दावेदार उपेंद्र जैन डीजी आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के रूप में कार्यरत हैं। पुलिस प्रशासन और आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में उनका अनुभव उनके पक्ष में माना जा रहा है।
प्रज्ञा के नाम पर लगी मुहर लगी तो बनेगा इतिहास
मध्य प्रदेश में अब तक किसी महिला आईपीएस अधिकारी को डीजीपी की जिम्मेदारी नहीं मिली है। ऐसे में यदि प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का चयन होता है, तो वे प्रदेश की पहली महिला पुलिस महानिदेशक बनकर इतिहास रचेंगी। उनकी संभावित दावेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू उनका सेवानिवृत्ति कार्यक्रम भी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका सामान्य रिटायरमेंट फरवरी 2028 में निर्धारित है। डीजीपी पद पर नियुक्ति की स्थिति में उनका कार्यकाल लागू सेवा नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होगा। इसलिए नवंबर 2029 तक पद पर बने रहने की संभावना को अंतिम निर्णय से पहले संबंधित नियमों के संदर्भ में देखना होगा।
वरुण कपूर और उपेंद्र जैन भी मजबूत दावेदार
वरुण कपूर को वरिष्ठता के लिहाज से महत्वपूर्ण दावेदार माना जा रहा है। उनका सामान्य सेवानिवृत्ति समय मई 2027 बताया गया है। वहीं, उपेंद्र जैन का रिटायरमेंट अगस्त 2027 में होना है। दोनों अधिकारियों के अनुभव और सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए उनके नाम भी चयन प्रक्रिया में अहम माने जा रहे हैं। हालांकि, डीजीपी की नियुक्ति केवल वरिष्ठता के आधार पर तय नहीं होती। इसके लिए निर्धारित पात्रता, सेवा रिकॉर्ड, अनुभव और लागू चयन प्रक्रिया जैसे पहलुओं पर विचार किया जाता है।
नवंबर में साफ हो जाएगी तस्वीर
कैलाश मकवाना के सेवानिवृत्त होने से पहले नए डीजीपी के चयन की प्रक्रिया पूरी किए जाने की संभावना है। यूपीएससी की बैठक और तीन नामों के पैनल को लेकर नवंबर के शुरुआती दिनों में गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से नए पुलिस प्रमुख के नाम की घोषणा की जा सकती है।
मकवाना की सेवानिवृत्ति की तारीख पर विवाद
वर्तमान डीजीपी कैलाश मकवाना की सेवानिवृत्ति तारीख को लेकर पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग के बीच असमंजस की खबर आई थी। गृह विभाग के अनुसार, कैलाश मकवाना का कार्यकाल नियुक्ति आदेश के तहत माना जाएगा और वे 30 नवंबर 2026 को सेवानिवृत्त होंगे। जबकि, पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा ने नोटशीट में रिटायरमेंट की तारीख 2 दिसंबर 2026 बताई है, क्योंकि उन्होंने 2 दिसंबर 2024 को पदभार ग्रहण किया था। हालांकि गृह विभाग 30 नवंबर की तारीख को ही सही मान रहा है।
वरुण कपूर ने ली आपत्ति
सीनियर आईपीएस अधिकारी स्पेशल डीजी जेल वरुण कपूर ने वर्तमान डीजीपी कैलाश मकवाना की रिटायरमेंट तारीख 2 दिन आगे बढ़ाने को लेकर ली कड़ी आपत्ति। उन्होंने कहा कि ये न्यायसंगत नहीं है और नियमों से खिलवाड़ किया जा रहा है।



