इंदौर। शुक्रवार को सीएम डॉ.मोहन यादव इंदौर में थे। वे कुछ दिन पहले भी इंदौर आए थे। इंदौर जिले का प्रभारी होने के कारण वे यहां आते ही रहते हैं, लेकिन इस बार नजारा कुछ बदला नजर आया। सीएम से दूरी बनाकर चल रहे नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस बार उनके साथ पूरे समय चिपके रहे। लोग इसे नगरीय प्रशासन विभाग में हुई खरीदी घोटाले का असर बता रहे हैं।
सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा से उठे थे सवाल
पिछले दिनों विधानसभा एक के पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने चुनरी यात्रा निकली थी। इसमें सीएम मोहन यादव के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। इस यात्रा में मंत्री विजयवर्गीय पहुचे तो जरूर लेकिन सीएम के आने से पहले ही रवाना हो गए थे। इसके बाद यह चर्चा शुरू हुई थी कि आखिर विजयवर्गीय, सीएम से आमना-सामना क्यों नहीं करना चाहते।
👉 यह भी पढ़ें:
- अपमान का घूंट पीकर भी सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा में पहुंचे विजयवर्गीय, सीएम के आने से पहले ही मार गए कलटी!
- मंत्री की बैठक से दूरी बनाने के बाद बोलीं विधायक मालिनी गौड़- ऐसी बैठकों में जाने का कोई मतलब नहीं
- मंत्रीजी की बैठक से अधिकांश विधायकों ने बनाई दूरी, नाराज होकर बोले-शायद उनके क्षेत्र में पानी की दिक्कत नहीं होगी
- भाजपा की संकल्प सभा में सफाईकर्मियों का हंगामा, नेताओं को करना पड़ा विरोध का सामना
- अमित शाह कर गए टीम मोहन यादव की तारीफ, कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की बात के लगने लगे सियासी मायने
- कैलाशजी, मंत्रिमंडल की बैठक में आप खुद ही नहीं जाते, फिर सीएम क्या आपके घर आकर बात करें या फिर हर दिन फोन लगाएं?
रेसीडेंसी में भी नहीं की थी मुलाकात
सीएम मोहन यादव ने पिछले दिनों भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भोपाल में हुई बैठक में यह शिकायत की थी कि सीएम से बात नहीं हो पाती। यही विजयवर्गीय जब सीएम ने इंदौर के रेसीडेंसी में रात्रि विश्राम किया था, उनसे मिलने नहीं पहुंचे। शहर के अधिकांश विधायक और नेता रेसीडेंसी में दिखाई दिए, लेकिन विजयवर्गीय की अनुपस्थिति पर कई सवाल उठाए गए थे।
लगातार बना रहे थे कैबिनेट से दूरी
सीएम से बात नहीं होने की शिकायत करने वाले विजयवर्गीय लगातार कैबिनेट की बैठकों से नदारद थे। पिछले दिनों हुई कैबिनेट की बैठक से भी उन्होंने दूरी बनाई और इंदौर में जल संकट पर एक बैठक रख ली। इसस बैठक से अधिकांश विधायकों ने भी दूर बना ली थी।
खरीदी घोटाला का असर तो नहीं
वर्तमान में विजयवर्गीय के विभाग में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है। भाजपा में कहा जा रहा है कि विजयवर्गीय शायद इसकी वजह से ही सीएम के साथ फिर से चिपकने की कोशिश कर रहे हैं। शायद इसीलिए वे शुक्रवार को पूरे समय सीएम के कार्यक्रमों में रहे। प्रेस से बातचीत के दौरान भी वे फ्रेम में बने रहने की कोशिश करते रहे।
मंत्री के खिलाफ मालिनी गौड़ का मोर्चा
पिछले दिनों विधानसभा चार की विधायक मालिनी गौड़ ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ खुलेआम मोर्चा खोल दिया। वे विजयवर्गीय द्वारा बुलाई गई जल संकट की बैठक में नहीं गईं। इसके बाद जब पत्रकारों ने उनसे पूछा तो उनका जवाब था कि ऐसी बैठकों में जाने का कोई मतलब नहीं। इसे सीधा-सीधा विजयवर्गीय पर निशाना माना जा रहा है, क्योंकि विजयवर्गीय ने बैठक के बाद कहा था कि जो विधायक नहीं आए शायद उनके क्षेत्र में पानी की कोई समस्या नहीं।



