मध्य प्रदेश में अगले चार दिन भारी बारिश की संभावना के चलते मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। इस नए वेदर सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में 23 सितंबर से बारिश का नया दौर शुरू हो चुका है।
बंगाल की खाड़ी में बना नया मौसम तंत्र
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है, जिससे प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में तेज बारिश हो रही है।
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इस सिस्टम के कारण उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश के भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है।

मौसम विभाग ने जारी किया 4 दिनों का अलर्ट
मौसम विभाग ने 26 सितंबर 2026 तक मध्य प्रदेश में कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खासकर 25 और 26 सितंबर को प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है, जो अति भारी बारिश को लेकर है।
मध्य प्रदेश के अनेक जिलों में रिकॉर्ड वर्षा
प्रदेश में मानसून के दौरान अब तक औसतन 34.2 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत कम है। इसके बावजूद, 33 जिलों में रिकॉर्ड वर्षा हुई है।
सितंबर माह में भोपाल समेत 23 जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिससे किसानों और जल संसाधनों को लाभ हुआ है।

बारिश का असर आम जनता पर
अगले चार दिन भारी बारिश की संभावना के कारण आम लोगों को सावधानी बरतनी होगी। खासकर उन क्षेत्रों में जो जलभराव और बाढ़ की समस्या से पहले ही जूझ रहे हैं।
सड़क मार्गों पर जलजमाव से यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते समय सावधानी आवश्यक होगी। इसके अलावा, किसानों के लिए यह बारिश फसल के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञ का विश्लेषण
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना यह सिस्टम मानसून विदाई से पहले एक अंतिम बारिश का दौर लेकर आया है। यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होगा लेकिन फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि इस बारिश से तापमान में भी गिरावट आएगी और वातावरण ठंडा रहेगा, जो मानसून के समापन का संकेत है।
आगे की संभावना और सावधानियां
मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर, अगले चार दिनों तक बारिश की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। प्रशासन को भी प्रभावित इलाकों में राहत कार्य के लिए तैयार रहना होगा।
बारिश के दौरान बिजली गिरने और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खेतों में काम करने वाले किसानों को भी मौसम अपडेट पर ध्यान देना चाहिए।



