आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम का न्यूयॉर्क में विरोध हो रहा है। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम के विरोध में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी समेत कई संगठन मैदान में उतरे हैं। यह घटना न्यूयॉर्क की विविधता और बहुलवादी संस्कृति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गई है, जो विभिन्न समुदायों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करने का अवसर भी प्रदान करती है।
मेयर ममदानी का विरोध
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने मोहन भागवत के कार्यक्रम का सार्वजनिक रूप से विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उनकी और न्यूयॉर्क की बहुलवादी भावना के खिलाफ है। ममदानी के इस कदम से उनके समर्थकों और विरोधियों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। ममदानी का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम शहर के सामाजिक ढांचे को प्रभावित कर सकते हैं।
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इसके अलावा, ममदानी ने साफ किया कि शहर प्रशासन के पास इस निजी कार्यक्रम को रद्द करने का कानूनी अधिकार नहीं है। फिर भी, उनका विरोध प्रतीकात्मक है और यह न्यूयॉर्क के सामाजिक ताने-बाने में विविधता और समावेशन को बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम है।
विरोध प्रदर्शन की स्थिति
25 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क सिटी हॉल की सीढ़ियों पर कई मानवाधिकार और अंतर-धार्मिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। इन संगठनों के विरोध का मुख्य कारण कार्यक्रम के वक्ता और उनके विचार हैं।
इन संगठनों में हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स, इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल और इंटरफेथ सेंटर ऑफ न्यूयॉर्क शामिल थे। इन संगठनों का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में विभाजन को बढ़ावा दे सकते हैं और यह न्यूयॉर्क की समावेशी संस्कृति के लिए खतरा हो सकता है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान, वक्ताओं ने धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक विविधता के महत्व पर जोर दिया। यह विरोध सभा एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन थी, जिसमें सभी ने अपने विचारों को साझा किया।
आयोजन की तैयारी
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 5,000 भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे। यह आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। आयोजनकर्ताओं का कहना है कि यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और मूल्यों को बढ़ावा देने का प्रयास है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य सार्वभौमिक एकता और मानवता के बीच आपसी सम्मान को बढ़ावा देना है। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम भारतीय प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ने और अपनी सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करने का एक प्रयास है।
समर्थकों की प्रतिक्रिया
वहीं, अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन और सिख अमेरिकन नेता जसदीप सिंह जस्सी ने मोहन भागवत के दौरे का समर्थन किया है। उन्होंने मेयर ममदानी के रुख की आलोचना की है। उनके अनुसार, भागवत का दौरा भारतीय समुदाय के लिए गर्व की बात है।
समर्थकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम भारतीय समुदाय को एकजुट करते हैं और उनकी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। उनका विश्वास है कि मोहन भागवत के विचार सामाजिक सद्भाव और एकता को बढ़ावा देते हैं।
आगे की संभावनाएं
इस विरोध के चलते न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय के भीतर एक नई चर्चा शुरू हो गई है। यह देखना होगा कि विरोध और समर्थन के बीच कार्यक्रम का आयोजन कैसे होता है। फिलहाल, विरोध और समर्थन के इस संघर्ष में सामाजिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
भविष्य में, इस प्रकार की घटनाएं न्यूयॉर्क में बसे भारतीय समुदाय की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित कर सकती हैं। यह घटना न्यूयॉर्क के विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और समझ को बढ़ाने का एक अवसर भी हो सकता है।



