विदेश मंत्री एस. जयशंकर की रूस यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निजी संदेश उन्हें सौंपा। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत की।
पुतिन के लिए क्या संदेश लेकर पहुंचे जयशंकर?
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जयशंकर ने पुतिन को भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 27वीं बैठक में हुई चर्चाओं और दोनों देशों के बीच सहयोग की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत-रूस आर्थिक सहयोग में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।
बैठक में व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक आपूर्ति, परमाणु ऊर्जा और हाईटेक सेक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। पुतिन ने भी भारत के साथ व्यापार में बढ़ोतरी का उल्लेख किया और दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
SCO और BRICS पर भी हुई अहम चर्चा
जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी SCO शिखर सम्मेलन में पुतिन से मिलने के लिए उत्सुक हैं। साथ ही उन्होंने रूस के राष्ट्रपति को भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी शुभकामनाएं देने को कहा और उम्मीद जताई कि SCO सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात होगी।

लावरोव से भी हुई व्यापक बातचीत
रूस दौरे के दौरान जयशंकर ने विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ भी द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय संकटों, वैश्विक चुनौतियों और बहुपक्षीय मुद्दों पर व्यापक बातचीत की। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और रूस आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल
क्या जयशंकर की रूस यात्रा भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगी? क्या बढ़ता व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक और परमाणु सहयोग आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगा?
आपकी राय क्या है? भारत को रूस के साथ अपने पुराने रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करना चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं और खबर शेयर करें।



