लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया है कि उनका WhatsApp अकाउंट बंद (बैन) कर दिया गया है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। अजय राय ने इसकी जानकारी अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए दी।
अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों, कथित घोटालों और नाकामियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे “तानाशाही अपने चरम पर” बताते हुए कहा कि उनका WhatsApp अकाउंट राजनीतिक दबाव के चलते बैन किया गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
कांग्रेस नेता के मुताबिक, उनके खाते पर कार्रवाई के बाद उन्हें रिव्यू का विकल्प भी उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने WhatsApp और उसकी पैरेंट कंपनी Meta से अकाउंट तत्काल बहाल करने की मांग की है।
अजय राय ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह की कार्रवाई से कांग्रेस की आवाज दबने वाली नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को सड़क से संसद तक उठाती रहेगी।
WhatsApp बैन पर उठे सवाल
अजय राय के आरोपों के बीच यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि किसी WhatsApp अकाउंट को बंद करने की वास्तविक वजह क्या थी। मामले में अजय राय के आरोप पर भाजपा सरकार की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दोनों सामने नहीं आई है
बड़ा सवाल
क्या किसी राजनीतिक नेता का WhatsApp अकाउंट बंद होना सिर्फ प्लेटफॉर्म की सामान्य कार्रवाई है या इसमें राजनीतिक दबाव की भी जांच होनी चाहिए?
अगर किसी नेता का डिजिटल अकाउंट बिना स्पष्ट कारण के बंद होता है, तो क्या उसे तुरंत अपील और रिव्यू का अधिकार मिलना चाहिए?
आपकी राय क्या है? कमेंट करके बताइए—क्या WhatsApp और Meta को अजय राय के अकाउंट बैन पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए?



