इंदौर। शहर के भूमाफिया नवभारत गृह निर्माण संस्था की 71 हजार वर्गफुट जमीन श्री राधे गृह निर्माण संस्था को दिलाने में पूरी ताकत से लगे हुए हैं। जबकि, जानकार बताते हैं कि दोनों संस्थाओं के बीच हुआ अनुबंध ही अवैधानिक है। इसके साथ ही इस अनुबंध में जिक्र राशि का भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। ऐसे में अगर उज्जैन के जेआर श्री राधे संस्था के पक्ष में फैसला देते हैं, तो और सवाल उठेंगे।
नवभारत का प्राधिकरण से है अनुबंध
नवभारत गृह निर्माण संस्था का इंदौर विकास प्राधिकरण से अनुबंध है। योजना क्रमांक 135 में संस्था के सदस्यों को प्लॉट दिए जाने हैं। ऐसे में अगर प्राधिकरण प्लॉट देता भी तो नवभारत संस्था के सदस्यों को देगा, न कि श्री राधे संस्था को।
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बिना संचालक मंडल की स्वीकृति के अनुबंध
सूत्र बताते हैं कि नवभारत गृह निर्माण संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष सुभाष दुबे ने श्री राधे संस्था से यह अनुबंध बिना संचालक मंडल की स्वीकृति के किया है। ऐसे में यह अनुबंध ही पूरी तरह अवैधानिक है। एक बड़ा सवाल यह भी है कि नवभारत संस्था के 800 से अधिक सदस्यों को ही प्लॉट नहीं मिले हैं, तब श्री राधे संस्था को जमीन कहां से मिल जाएगी।
अनुबंध की राशि का कोई हिसाब नहीं
उल्लेखनीय है कि यह अनुबंध 21 सितंबर 2004 को नवभारत गृह निर्माण संस्था तथा श्री राधे संस्था के बीच हुआ था। इसमें 70 हजार वर्गफुट के अनुबंध की बात लिखी गई है। अनुबंध में लिखा है कि 21-09-2004 को 50 लाख रुपए नकद प्राप्त हुए। इतना ही नहीं इसमें यह भी लिखा है कि 12 अक्टूबर 2004 को नकद 50 लाख रुपए और मिलेंगे। इसके बाद रजिस्ट्री के मय 60 लाख 50 हजार रुपए देने की बात लिखी गई है। सूत्र बताते हैं कि अनुबंध के अनुसार जिस राशि का जिक्र किया गया है, वह संस्था के किसी रिकॉर्ड में नहीं है।
भूमाफिया कर रहे अपने पक्ष में फैसले का दावा
सूत्र बताते हैं कि इस संस्था के पूर्व प्रशासक तथा सहकारिता विभाग के अन्य अधिकारियों ने वरिष्ठों को पूरे मामले की जानकारी दे दी थी। अपील भी की गई, लेकिन किसी ने सुनी नहीं। मामला ट्रिब्यूनल से होकर एक बार फिर उज्जैन जेआर के पास पहुंच गया है। सूत्र बताते हैं कि भूमाफियओं ने एक रणनीति के तहत ही उज्जैन में अपने मनपसंद जेआर का ट्रांसफर कराया और अब केस भी वहीं ट्रांसफर कर दिया गया। भूमाफिया यह भी दावा कर रहे हैं कि 13 अगस्त को उनके पक्ष यानी श्री राधे संस्था के पक्ष में ही फैसला आएगा।



