नई दिल्ली। NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर पूरे देश में चल रहे बवाल के बीच सरकार ने शुक्रवार शाम को बड़ा एक्शन लिया है। इन परीक्षाओं को आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए व्यापक सुधारों कर रही है। सरकार का कहना है कि नए सुधारों के जरिए परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही बढ़ाई जाएगी, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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पारदर्शिता और सुरक्षा पर रहेगा जोर
बताया जाता है कि सरकार के इस एक्शन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना और उम्मीदवारों का भरोसा बहाल करना है। इसके तहत परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े कई नए प्रावधान भी सामने आ सकते हैं। सरकार का मानना है कि मजबूत व्यवस्था के जरिए भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
एक महीने के अंदर पूरा ढांचा होगा तैयार
सरकार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में बड़े बदलाव की तैयारी में हैं। अगले एक महीने के अंदर इसके पूरे ढांचे को फिर से तैयार करने की योजना पर है। एक एक्सपर्ट्स कमेटी की सिफारिशों के आधार पर एजेंसी की आउटसोर्सिंग प्रोसेस में भी बदलाव किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, एक ऐसा सिस्टम बनाया जाएगा जिसमें पेपर लीक होने की कोई गुंजाइश न हो।
पेपर लीक पर सजा वाले बिल को कैबिनेट की मंजूरी
इससे पहले शुक्रवार को मोदी कैबिनेट ने मीटिंग में पेपर लीक पर सजा के कानून को सख्त बनाने से जुड़े बिल को मंजूरी देने का फैसला किया है। इस मीटिंग के बाद पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भी बैठक की। बिल में पेपर लीक के ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के मामले में 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान रखा है।



