दुनिया की नजरें जिस समझौते पर टिकी थीं, उसके लागू होते ही एक बड़ा कदम उठाया गया है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों पर लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी को आधिकारिक रूप से हटा लिया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि राष्ट्रपति के निर्देश के बाद ईरान से आने-जाने वाले जहाजों पर लगी सभी रोक समाप्त कर दी गई है।
👉 यह भी पढ़ें:
सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा, “अमेरिकी सेनाएं अब ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों को नहीं रोक रही हैं। नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने की सभी गतिविधियां बंद कर दी गई हैं।”
हालांकि अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके बड़े नौसैनिक जहाज क्षेत्र में मौजूद रहेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इस घटनाक्रम से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए घोषणा की थी कि समझौता तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उन्होंने कहा था कि पहले चरण में ईरान Hormuz Strait को खोलेगा, जबकि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वैश्विक तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है।
अब सवाल यह है कि क्या यह समझौता अमेरिका और ईरान के बीच वर्षों से चले आ रहे तनाव का अंत साबित होगा या यह सिर्फ एक अस्थायी राहत है?
क्या आपको लगता है कि Iran-US Deal मध्य-पूर्व में स्थायी शांति की शुरुआत है, या आने वाले दिनों में नया भू-राजनीतिक संकट देखने को मिल सकता है?
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।



