ईरान और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते पर आखिरकार ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। गुरुवार को जारी एक लिखित संदेश में उन्होंने खुलासा किया कि इस समझौते को लेकर उनकी व्यक्तिगत राय अलग थी, लेकिन देशहित को देखते हुए उन्होंने इसे मंजूरी दे दी।
मोजतबा खामेनेई ने कहा, “इस समझौते पर मेरी राय अलग थी। लेकिन राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने मुझे भरोसा दिलाया कि वे ईरानी जनता और विरोधी ताकतों के खिलाफ खड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा करेंगे। इसी भरोसे पर मैंने इसकी अनुमति दी।”
👉 यह भी पढ़ें:
- ईरान का मिसाइल प्रोडक्शन फिर तेज? भूमिगत फैक्ट्री से सामने आया बड़ा दावा
- होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप का बड़ा दावा! ईरान ने बताया ‘भ्रमित’, बढ़ा अमेरिका-ईरान तनाव
- Iran-US War News: ईरान के साथ बातचीत पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ‘समझौते का आखिरी मौका’; होर्मुज पर बढ़ा तनाव, महंगाई से भी बढ़ी चिंता
- US-Iran Talks: ईरान को लेकर अमेरिका का रुख बदला, आज से बातचीत शुरू होने की खबर; दुनिया की नजर
- ट्रंप की ईरान को खुली धमकी- ‘करारा जवाब मिलेगा’, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने पर मिसाइल हमले से मचा हड़कंप
- ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की अमेरिका को खुली चेतावनी, बोले- ‘ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे लंबे समय तक याद रखेगा’

उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया था कि यदि अमेरिकी पक्ष अत्यधिक या अनुचित मांगें रखेगा, तो ईरान उन्हें स्वीकार नहीं करेगा।
अपने संदेश में खामेनेई ने कहा, “अब हम सभी इन शर्तों के पूरी तरह लागू होने का इंतजार करेंगे।” यही नहीं, उन्होंने पहली बार ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच सीधे संवाद की अनुमति देने का संकेत भी दिया है।
यह बयान कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मार्च में सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद यह पहली बार है जब मोजतबा खामेनेई ने सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है।
गौरतलब है कि उनके पिता, पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei, की फरवरी में हुए अमेरिका-इजराइल हमले में मौत की खबरों के बाद ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला था। अब इस नए समझौते और मोजतबा खामेनेई के रुख को मध्य-पूर्व की राजनीति के लिए एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान न केवल Iran-US Relations बल्कि पूरे Middle East की रणनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।
क्या मोजतबा खामेनेई का यह फैसला ईरान और अमेरिका के रिश्तों में नई शुरुआत का संकेत है, या भविष्य में फिर से तनाव बढ़ सकता है?
आपकी क्या राय है? कमेंट कर जरूर बताएं।



