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अहमदाबाद। गुजरात में भारी बारिश में कच्छ समेत करीब दर्जनभर जिलों में बाढ़ जैसी की स्थिति बन गई है। राज्य में पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश से बरसाती नदियां उफान हैं। इसके चलते कई जिलों के निचले इलाकों में पानी भर गया। मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
उल्लेखनीय है कि 26 अगस्त को पूरे राज्य में रेड अलर्ट के बाद हाहाकार की स्थिति रही। इसके बाद राज्य सरकार ने 27 अगस्त को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। गुजरात में भारी बारिश से तीन लोगों की मौत भी हुई है, तो वहीं दूसरी तरफ मोरबी में ट्रैक्टर के बह जाने पर 11 लोगों को बचाने के बाद बाकी सात लोगों की खोजबीन अभी भी जारी है। राज्य सरकार ने आईएमडी द्वारा जारी रेड अलर्ट के मद्देनजर सभी कलेक्टर को अपने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करने को कहा गया है। राज्य सरकार ने बारिश से प्रभावित वर्षा जिलों में एनडीआरएफ की 13 व एसडीआरएफ की 22 टीमें तैनात की हैं। राज्य में अब तक 17,827 लोगों को स्थानांतरित व 1,653 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। राज्य में हाल में सूरत, नवसारी, वलसाड, तापी, डांग व छोटा उदेपुर जिलों में कुल 523 सड़क मार्ग बंद कि गए हैं।
26 अगस्त को रेड अलर्ट के बाद पूरे गुजरात में भारी बारिश हुई जिससे निचले इलाके जलमग्न हो गए। राज्य में तीन लोगों की मौत हो गई तथा सात अन्य लापता हो गए। सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 29 अगस्त सुबह तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ ही कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जिसके बाद प्रशासन ने कमर कस ली है। साेमवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए सभी प्रमुख शहरों के जिला कलेक्टर



