मुंबई। महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन इससे पहले ही सभी दलों में घमासान चल रहा है। एक तरफ जहां विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी में उठापटक मची है, वहीं सत्तारुढ़ महायुति के सहयोगी दलों में भी घमासान जारी है। बताया जा रहा है कि महायुति के सभी दल मिलकर जितनी सीटों की मांग कर रहे हैं, उतनी सीटें तो विधानसभा में हैं ही नहीं।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र विधानसभा में सीटों की संख्या 288 है। फिलहाल जो चर्चा चल रही है उसके अनुसार शिवसेना 100-105 सीटों पर दावा कर रही है, जबकि भाजपा 160 निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारने की कोशिश में है। इधर, एनसीपी भी 60-80 सीटों पर लड़ना चाहती है। हाल ही में मुंबई आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने शिवसेना ने 100 से अधिक सीटों के लिए दावा पेश किया है।
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शिवसेना चाहती है जल्दी हो सीटों का बंटवारा
महायुति में सबसे ज्यादा जल्दी शिवसेना को है। शिवसेना के नेता चाहते हैं कि सीटों के बंटवारे में अब देरी नहीं होनी चाहिए। लोकसभा चुनाव में देरी के कारण शिवसेना को काफी परेशानी आई थी। शिवसेना का मानना है कि अगर सीटों का बंटवारा हो जाए तो वे अभी से अपने उम्मीदवारों को मैदान संभालने के लिए कह दें। अब भाजपा के सूत्र बताते हैं कि शाह के दौरे के बाद इस महीने के अंतिम तक सीटों के बंटवारे का फार्मूला तय हो जाने की उम्मीद है। संभावना है कि शिवसेना को 80-90 सीटों और एनसीपी को 50-60 सीटों पर राजी करने की कोशिश की जाए।



