यूपी के सीएम योगी का राहुल-अखिलेश पर निशाना, कहा-दो लड़कों की जोड़ी गुमराह करने आई है

Date:

लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। योगी ने कहा कि यह दो लड़कों की जोड़ी गुमराह करने के लिए आई है। इन्होंने किसी का कोई हित नहीं किया है। इन्होंने सत्य का दुरुपयोग वैसे ही किया है जैसे भस्मासुर ने किया था।

गाजियाबाद में योगी ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार हिंदुओं को दबाने के लिए सांप्रदायिक विरोधी कानून लाने का काम कर रही थी। उसी के नक्शे कदम पर सपा भी चल रही थी। योगी ने कहा कि सपा वाले अपराधियों के सामने नाक रगड़ते थे। ये अपने संस्कार के अनुरूप धर्माचार्यों को माफिया बोलते हैं।

सीएम योगी ने अपने संबोधन के दौरान विपक्षी पार्टियों पर भी जमकर वार किया। उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर तंज कसते हुए कहा कि नजर नहीं है, लेकिन नजारों की बात करते हैं, जमीन पर चांदसितारों की बात करते हैं, वो हाथ जोड़कर बस्ती को लूटने वाले, भरी सभा में सुधारों की बात करते हैं। योगी ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दो लड़कों की जोड़ी गुमराह करने के लिए आई है। इन्होंने लूटने के सिवाय, अपने परिवार के सिवाय, किसी का कोई हित नहीं किया है।

इनमें घुस गई है औरंगजेब की आत्मा

योगी ने कहा कि इनके अंदर औरंगजेब की आत्मा घुस चुकी है। इनके राज में व्यापारियों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ता था। आज मैं कह सकता हूं कि हमारे प्रदेश में बेटी भी सुरक्षित है और व्यापारी का भी सम्मान है। युवाओं के लिए रोजगार है। यूपी में पहली बार 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)http://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन बिल पर शनिवार रात 8.30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। इसमें उन्होंने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो पाप विपक्ष ने किया है, उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। ये देश के नारी शक्ति के अपराधी हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियनम में संशोधन नहीं हो पाया। मैं सभी माताओं बहनों से इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सबकुछ हो जाता है तो दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है। तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नागरिक शक्ति को भुगतना पड़ा। संसद में तालियां बजा रही थीं परिवारवादी पार्टियां कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ कि नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजे थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वह नारी के आत्म सम्मान पर चोट थी। नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था। जिन दलों ने विरोध किया उनसे मैं दो टूक कहूंगा-ये लोग नारी शक्ति को फोर ग्राटेंड ले रहे हैं वे यह भूल रहे हैं कि 21 वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वह उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी।  इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से वे बच नहीं पाएंगे। साथियों, संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था। हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। ये 40 साल से लटके हुए अपना असली चेहरा सामने ला दिया है पीएम मोदी ने कहा कि इन दलों ने नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। मुझे लगा कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी। अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस  ने महिलाओं के पक्ष में रहने का अवसर खो दिया। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए लेन कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़ी। इसीलिए कांग्रेस ने इसमें संशोधन न करवाकर अनेक क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक भविष्य को अंधेरे की ओर ढकेला है। विरोध की एक बड़ी वजह इन परिवारवादी पार्टियों का डर है। अगर महिलाएं सशक्त  हो गईं तो इन परिवारवादी पार्टियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। कांग्रेस ने दरार पैदा कनरे वाली भावनाओं को हवा दी कांग्रेस ने बांटो और राज करो विरासत में लेकर आई है। इसीलिए वह दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। हमने स्पष्ट किया किया सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए। यह सभी राज्यों और दलों के लिए अवसर था। यह बिल पास होता तो तमिलनाडु, केरल, यूपी सभी राज्यों की सीटें बढ़तीं। इन दलों ने अपने राज्यों के लोगों को भी धोखा दे दिया।